Operation Sindoor: 25 मिनट तक आतंकियों पर हुई एयरस्ट्राइक…'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत किसी सैन्य या नागरिकों पर हमला नहीं हुआ

Operation Sindoor : मीडिया ब्रीफिंग भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, "पहलगाम हमला हमले का तरीका जम्मू-कश्मीर और शेष राष्ट्र में सांप्रदायिक दंगे भड़काने था लेकिन इसको भारत सरकार और देश के नागरिकों ने विफल कर दिया।" उन्होंने आगे कहा कि, पहलगाम का हमला बर्बरपूर्ण था। परिवारवालों के सामने उनके परिजनों को मारा गया

अपडेटेड May 07, 2025 पर 11:40 AM
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भारत के एयर स्ट्राइक के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह, ऑपरेशन सिंदूर पर करेंगे मीडिया ब्रीफिंग की।

Operation Sindoor : भारत ने पाकिस्तान से कायराना पहलगाम आतंकी हमले का बदला ले लिया है। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक (India air strike on Pakistan) किया। भारत की तीनों सेनाओं ने जॉइंट ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान में स्थित कुल 9 आतंकी ठिकानों पर एयरस्ट्राइक करते हुए कार्रवाई की है। भारत ने इस कार्रवाई को 'सिंदूर ऑपरेशन' कहा है। वहीं भारत के एयर स्ट्राइक के बाद विदेश सचिव विक्रम मिस्री, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह, ऑपरेशन सिंदूर पर मीडिया ब्रीफिंग की।

भारतीय सेना ने कहा कि ऑपरेशन के दौरान किसी भी सैन्य ठिकाने को निशाना नहीं बनाया गया। अब तक पाकिस्तान में किसी तरह की नागरिक क्षति की कोई खबर नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस विशेष सैन्य अभियान के तहत आतंकियों के 9 प्रमुख ठिकानों को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया गया है।


उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे अभियान के दौरान निर्दोष नागरिकों को कोई नुकसान न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा गया। इसके लिए खुफिया एजेंसियों से प्राप्त सटीक सूचनाओं के आधार पर लक्ष्य तय किए गए।

आतंकियों के 21 ठिकाने बर्बाद

कर्नल कुरैशी ने बताया कि, ऑपरेशन की शुरुआत रात 1 बजकर 5 मिनट पर हुई, और यह 1:30 बजे तक चला। इस दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकियों के अड्डों को टारगेट किया गया। इस अभियान में सबसे पहले सवाई नाला कैंप को निशाना बनाया गया, जो लश्कर-ए-तैयबा का एक अहम अड्डा था। इसके अलावा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के शिविरों पर भी हमले किए गए। कुल मिलाकर 9 अलग-अलग क्षेत्रों में फैले 21 आतंकी ठिकानों को सटीक हमलों के ज़रिए नष्ट किया गया।

आतंकियों का सीधा संबंध पाकिस्तान से 

वहीं मीडिया ब्रीफिंग भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा, "पहलगाम हमला हमले का तरीका जम्मू-कश्मीर और शेष राष्ट्र में सांप्रदायिक दंगे भड़काने था लेकिन इसको भारत सरकार और देश के नागरिकों ने विफल कर दिया।" उन्होंने आगे कहा कि, पहलगाम का हमला बर्बरपूर्ण था। परिवारवालों के सामने उनके परिजनों को मारा गया।  इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन टीआरएफ (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने ली है और हमलावरों की पहचान कर ली गई है। भारतीय खुफिया एजेंसियों के पास इस हमले में शामिल आतंकियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मौजूद है, और इनका सीधा संबंध पाकिस्तान से जुड़ता है।

भारत सरकार ने अपने बयान में कहा है, ''इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाया गया है, जहां से भारत पर आतंकी हमलों का प्लान बनाया गया था।" भारतीय सेना के मुताबिक, पाकिस्तान में बहावलपुर के मरकज सुभानअल्लाह, मुरीदके में मरकज तैयबा, सरजाल/तेहरा कलां, सियालकोट में महमूना जोया फैसिलिटी, भिंबर में मरकज अहले हदीस , कोटली में मरकज अब्बास और मरकज राहील शाहिद, मुजफ्फराबाद में शावई नाला कैम और मरकज सैयदना बिलाल पर हमला किया है। जानकारी के मुताबिक, बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय था, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित है। इस शहर को व्यापक रूप से जैश-ए-मोहम्मद का ऑपरेशन सेंटर माना जाता है।

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