West Bengal BJP CM: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मंगलवार (5 मई) को न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को होगा। अब सबका ध्यान इस बात पर है कि बंगाल का अगला मुख्यमंत्री किसे चुना जाएगा। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर में हराया था। इस वजह से वह मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे आगे चल रहे हैं।
भगवा पार्टी के नेताओं ने बताया कि पूर्वी राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पहली बार विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की है। इसके बाद सुवेंदु अधिकारी सीएम पद के लिए प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP की जीत के साथ ही तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और उनके कई मंत्री चुनाव हार गए। ममता बनर्जी अपने गृह क्षेत्र भवानीपुर में अधिकारी से 15,105 मतों से हार गईं।
सीएम की रेस में ये चेहरे आगे
सुवेंदु अधिकारी: सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट बरकरार रखी और भवानीपुर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया। इसके बाद बीजेपी के चुनाव अभियान में वह एक प्रमुख हस्ती के रूप में उभरे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या वह BJP के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे? इस पर अधिकारी ने कहा, "मुझमें कोई बदलाव नहीं आया है... मैं सत्ता का भूखा नहीं हूं।" अधिकारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की। फिर 1995 में कांथी नगरपालिका में पार्षद बने। वे 1998 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए और 2006 में कोंताई दक्षिण से चुने गए।
उन्होंने 2007 में नंदीग्राम में वाम मोर्चा सरकार द्वारा प्रस्तावित केमिकल हब के खिलाफ हुए भूमि आंदोलन में अहम भूमिका निभाई। इस आंदोलन ने राज्य में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता में लाने में योगदान दिया। वे 2009 में तमलुक से संसद पहुंचे और 2014 में भी इस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा। 2016 में वह बंगाल की राजनीति में लौट आए। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर नंदीग्राम से जीत हासिल की और राज्य मंत्रिमंडल में शामिल हो गए। दिसंबर 2020 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी और BJP में शामिल हो गए। 2021 के विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम में बनर्जी को हराने के बाद वे पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता बन गए।
दिलीप घोष: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में BJP की जीत के बाद दिलीप घोष ने खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार घोष ने कहा, "खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र की जनता ने मुझ पर अपना भरोसा जताया है... जनता को पार्टी से बहुत उम्मीदें हैं, क्योंकि उन्होंने भारी संख्या में हमारे पक्ष में मतदान किया है।"
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार प्रदीप सरकार को 30,506 वोटों के अंतर से हराया और कुल 89,885 वोट हासिल किए। घोष पहले बंगाल BJP अध्यक्ष रह चुके हैं। वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े हुए हैं। उन्हें 2016 के विधानसभा चुनावों में खड़गपुर सदर से चुना गया था। उन्होंने 2019 के आम चुनावों के दौरान राज्य में पार्टी के चुनाव प्रचार की कमान संभाली थी, जब BJP ने पश्चिम बंगाल में 40.7 प्रतिशत वोटों का हिस्सा हासिल किया था।
समिक भट्टाचार्य: BJP के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य भी सीएम के एक प्रमुख दावेदार हैं। उन्हें संगठनात्मक अनुभव वाला माना जाता है। उनका मुख्य ध्यान बूथ मैनेजमेंट, चुनावी रणनीति और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर रहता है। उनका दृष्टिकोण पार्टी की संरचना को मज़बूत करने पर ज़ोर देता है, जो राज्य में BJP की दीर्घकालिक योजनाओं के अनुरूप है।
रूपा गांगुली: राज्यसभा की पूर्व सांसद और अभिनेत्री रूपा गांगुली ने सोनारपुर दक्षिण विधानसभा सीट 1,28,970 वोटों से जीती हैं। उन्होंने TMC उम्मीदवार अरुंधति मैत्रा को 35,782 वोटों के अंतर से हराया। नेतृत्व के संदर्भ में गांगुली की भी चर्चा हो रही है। उनकी चुनावी जीत और सार्वजनिक पहचान पार्टी की पहुंच को बढ़ाने में योगदान देती है, जिसमें शहरी मतदाता भी शामिल हैं।
अग्निमित्रा पॉल: अग्निमित्रा पॉल ने पश्चिम बंगाल में आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार तापस बनर्जी को 40,839 वोटों से मात दी। पॉल BJP की पश्चिम बंगाल इकाई की उपाध्यक्ष भी हैं। वह राज्य में पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उनकी जीत का अंतर इस बात का संकेत है कि उस विधानसभा क्षेत्र में उनकी स्थिति कितनी मजबूत है। एक विधायक और पार्टी प्रवक्ता के तौर पर वह लोगों तक पहुंचने और मीडिया से जुड़ने के कामों में सक्रिय रही हैं, जिसमें महिलाओं से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं।
स्वपन दासगुप्ता: स्वपन दासगुप्ता ने राशबिहारी विधानसभा सीट 74,123 वोटों से जीता है। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार देबाशीष कुमार को दासगुप्ता ने 20,865 वोटों के अंतर से हराया। दासगुप्ता लंदन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज से फिलॉसफी में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की है। वह राज्यसभा के पूर्व सांसद हैं। पिछले विधानसभा चुनावों में उन्होंने तारकेश्वर से चुनाव लड़ा था, जहां वे TMC उम्मीदवार रामेंदु सिंहराय से 7,484 वोटों से हार गए थे।