West Bengal election results: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के साथ ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी और उनके कई मंत्री हार गए हैं। TMC की करारी हार के बाद ममता बनर्जी की करीबी सांसद सायोनी घोष एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। हमेशा सुर्खियों में रहने वाली सयोनी घोष पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली राजनीतिक हस्तियों में से एक बन गई हैं। अभिनेत्री से राजनेता बनीं सयोनी अपनी बेबाक और आत्मविश्वास से भरी मौजूदगी के लिए जानी जाती हैं।
वह न केवल अपनी राजनीतिक यात्रा के कारण सुर्खियों में रही हैं, बल्कि अपने पिछले विवादों और हालिया बयानों के कारण भी चर्चा में हैं। वह बंगाली फ़िल्म और टेलीविज़न इंडस्ट्री में अपने काम के लिए काफ़ी लोकप्रिय हैं। बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान 'दिल में काबा' और 'आंखों में मदीना' गाकर वायरल हो गई थीं। वह जादवपुर संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए संसद सदस्य (MP) के रूप में कार्यरत हैं।
घोष ने एक इंटरव्यू में कहा था कि हम रैलियों में 'जय श्रीराम' नहीं बोलते। उन्होंने कहा कि यह एक धार्मिक नारा है। घोष ने कहा कि टीएमसी के वह दिन नहीं आए के राम के नाम पर चुनाव लड़ना पड़े। लेकिन रैलियों में वह मदीना और काबा से जुड़ा गाना जरूर सुनाती थी। शायद यही वजह है कि जिन जगहों पर सयोनी घोष ने बंगाल में चुनावी सभा की और ये गाना गाया, वहां TMC उम्मीदवार हार गए।
अब टीमसी की करारी हार के बाद उनकी पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। सायोनी घोष ने X पर लिखा, "मैं पूरी विनम्रता के साथ बंगाल की जनता के उस जनादेश को स्वीकार करता हूं जो भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में आया है। मैं बंगाल की 'मां, माटी और मानुष' का धन्यवाद करता हूं, जो हर सुख-दुख में हमारे साथ खड़े रहे।"
घोष ने आगे कहा, "जाधवपुर लोकसभा क्षेत्र के लोगों की सेवा करने के लिए एक निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर पूरी तरह समर्पित रहते हुए बिना किसी डर के और सिर ऊंचा करके, मैं अपनी नेता ममता बनर्जी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं। और लोकतंत्र तथा इस महान राष्ट्र की एकता की रक्षा के लिए मैं उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूं..."
उन्होंने कहा, "एक पार्टी के तौर पर हमने हर मुश्किल का डटकर मुकाबला किया है। केंद्रीय एजेंसियों द्वारा परेशान किए जाने से लेकर 'साइलेंट इनविजिबल रिगिंग' (चुपचाप की जाने वाली धांधली) तक; केंद्र सरकार द्वारा आर्थिक नाकेबंदी से लेकर मीडिया ट्रायल, गिरफ्तारियों, झूठे मुकदमों और ऐसी ही न जाने कितनी और चुनौतियों तक...।"
टीएमसी सांसद ने आगे कहा, "अब यहां से आगे की लड़ाई और भी अधिक तेज और ज़ोरदार होने वाली है। अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस, बंगाल और पूरे देश की 'माँ, माटी और मानुष' के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए अपनी यह नेक लड़ाई जारी रखेगी। जॉय बांग्ला, जय हिंद!"
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सोमवार को 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया। भगवा पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया।
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। हालांकि, फाल्टा में मतदान रद्द होने के कारण 293 निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती हुई। इस वजह से फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 है। पश्चिम बंगाल में BJP ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाई।
बीजेपी ने बंगाल के शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना जनाधार बढ़ाया। इस जीत के साथ, भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, BJP ने 206 सीटें जीत लीं हैं जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 80 सीट पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस को सिर्फ दो सीटें मिली हैं।