Pahalgam Attack: सरकार को मिला विपक्ष का साथ, राहुल गांधी बोले- पहलगाम हमले के खिलाफ किसी भी एक्शन में सरकार को हमारा समर्थन
वहीं लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी कल 25 अप्रैल को श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे। वह अनंतनाग जाएंगे और स्थिति का जायजा लेंगे। इस बैठक में सरकार ने ये माना है कि पहलगाम में बड़ी सुरक्षा चूक हुई। जबकि विपक्ष ने इस हमले के खिलाफ किसी भी एक्शन में सरकार का समर्थन करने की बात कही है
Pahalgam Attack: सरकार को मिला विपक्ष साथ, राहुल गांधी बोले- पहलगाम हमले के खिलाफ किसी एक्शन में सरकार को हमारा समर्थन
पहलगाम आतंकी हमला और उसके भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए कूटनीतिक कदमों पर चर्चा के लिए गुरुवार शाम को संसद परिसर में हुई सर्वदलीय बैठक खत्म हो गई। ऑल पार्टी मीटिंग दो घंटे से ज्यादा समय तक चली। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में सरकार ने ये माना है कि पहलगाम में बड़ी सुरक्षा चूक हुई। जबकि विपक्ष ने इस हमले के खिलाफ किसी भी एक्शन में सरकार का समर्थन करने की बात कही है।
केंद्र सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बैठक में मौजूद थे। सभी दलों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। हमने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखने के प्रयास किए जाने चाहिए।"
#WATCH | Delhi: After attending the all-party meeting convened by the central government, Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi says, "Everyone condemned the #PahalgamTerroristAttack. The opposition has given full support to the government to take any action." pic.twitter.com/VOM80eiSuo
सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद लोकसभा नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मीडिया से कहा, "सभी ने पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा की। विपक्ष ने सरकार को कोई भी कार्रवाई करने के लिए पूरा समर्थन दिया है।"
वहीं लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी कल 25 अप्रैल को श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे। वह अनंतनाग जाएंगे और स्थिति का जायजा लेंगे।
जवाबदेही तय होनी चाहिए: AAP
AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, "पूरा देश गुस्से में है, दुखी है और देश चाहता है कि केंद्र सरकार आतंकियों को उनकी भाषा में मुंहतोड़ जवाब दे। जिस तरह से उन्होंने निर्दोष लोगों की हत्या की है, उनके कैंपों को नष्ट किया जाना चाहिए और पाकिस्तान के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए...यह घटना 22 अप्रैल को हुई और 20 अप्रैल को बिना सुरक्षा एजेंसियों की जानकारी के उस जगह को खोल दिया गया। सुरक्षा एजेंसियों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हमने मांग की है कि जवाबदेही तय की जानी चाहिए और कार्रवाई की जानी चाहिए कि सुरक्षा में चूक क्यों हुई।"
ओवैसी बोले- यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है
वहीं बैठक के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "केंद्र सरकार उस देश के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है, जो आतंकवादी समूहों को पनाह देता है। अंतरराष्ट्रीय कानून हमें पाकिस्तान के खिलाफ आत्मरक्षा में हवाई और नौसैनिक नाकाबंदी करने और हथियारों की बिक्री पर पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने की भी अनुमति देता है...CRPF को बैसरन मैदान में क्यों नहीं तैनात किया गया?...क्विक रिस्पांस टीम को वहां पहुंचने में एक घंटा क्यों लगा और उन्होंने लोगों का धर्म पूछकर उन्हें गोली क्यों मारी...कश्मीरियों और कश्मीरी छात्रों के खिलाफ झूठा प्रचार बंद होना चाहिए...मैं जिस तरह से आतंकवादियों ने लोगों का धर्म पूछकर उनकी हत्या की निंदा करता हूं...यह बहुत अच्छी बात है कि सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन हम पानी कहां रखेंगे?...केंद्र सरकार जो भी फैसला लेगी हम उसका समर्थन करेंगे...यह कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं है।"
सरकार ने क्यों बुलाई सर्वदलीय बैठक?
दरअसल सरकार ने बृहस्पतिवार को यहां सर्वदलीय बैठक में अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेताओं को पहलगाम आतंकवादी हमले की जानकारी दी और उनके विचार सुने। बैठक शुरू होने पर पहलगाम आतंकवादी हमले के पीड़ितों के सम्मान में कुछ देर का मौन रखा गया।
सरकार की ओर से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीरीजू मौजूद थे।
राजनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी उपस्थित थे।
बैठक में हिस्सा लेने वाले अन्य नेताओं में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) की सुप्रिया सुले, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रफुल्ल पटेल, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के असदुद्दीन औवेसी, बीजू जनता दल (BJD) के सस्मित पात्रा, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के लावु श्रीकृष्ण देवरायलु, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, आम आदमी पार्टी (AAP) के संजय सिंह, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सुदीप बंदोपाध्याय, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रेमचंद गुप्ता, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के टी शिवा और समाजवादी पार्टी (SP) के रामगोपाल यादव शामिल हैं।
सर्वदलीय बैठक के एक दिन पहले सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदमों की घोषणा की थी।
सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला बुधवार को लिया गया था और राजनाथ और शाह ने अलग-अलग दलों के नेताओं से संपर्क किया।
राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित किसी अहम घटना के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाने की परंपरा रही है, जैसा 2019 में पुलवामा आतंकी हमला या 2020 में भारत-चीन गतिरोध के दौरान देखा गया था।