पहलगाम आतंकी हमले के मद्देनजर भारत आने वाले दिनों में संघर्ष विराम खत्म करने की घोषणा कर सकता है। शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि नई दिल्ली इस पर “गंभीरता से विचार” कर रही है, क्योंकि पाकिस्तान नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में असमर्थ रहा है। सूत्रों के अनुसार, भारत यह सख्त कदम इसलिए उठा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान बार-बार प्रतिबद्धताओं के बावजूद सीमा पार आतंकवाद पर लगाम लगाने में विफल रहा है।
CNN-News18 ने सूत्रों के हवाले से कहा कि यह कदम पड़ोसी देश को और अलग-थलग कर सकता है और यह इस्लामाबाद के दोगलेपन का जवाब होगा। सूत्रों ने बताया कि शीर्ष सुरक्षा तंत्र संघर्ष विराम को खत्म करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और अगर कोई परिणाम निकलता है, तो उससे निपटने में सक्षम है।
उन्होंने कहा कि भारत को अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा करने का पूरा अधिकार है और इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि पहलगाम में हुआ ताजा आतंकी हमला आतंकी ढांचे को खत्म करने में इस्लामाबाद की विफलता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) भी आतंकवादियों को लॉजिस्टिकल सपोर्ट, ट्रेनिंग और सुरक्षित पनाहगाह देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान ने फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ आतंकवाद के वित्तपोषण पर लगाम लगाने के लिए की गई प्रतिबद्धताओं का बार-बार उल्लंघन किया है। उन्होंने बताया कि लश्कर/TRF जैसे गुट नए नामों के तहत खुलेआम काम कर रहे हैं।
फरवरी 2021 में हुए संघर्ष विराम समझौते के बावजूद, लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) जैसे पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर रहे हैं।
पाकिस्तान ने स्नाइपर अटैक और गोलाबारी के साथ भी संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है और ये घटनाएं 2023 और 2024 के बीच बढ़ गई हैं।