चीन और पाकिस्तान की दोस्ती के चर्चे तो आपने बहुत सुने होंगे। अक्सर दोनों देशों को “आयरन ब्रदर” तक कहा जाता है और सोशल मीडिया पर भी पाकिस्तानी यूजर्स चीन के साथ अपनी दोस्ती का खूब ढिंढोरा पीटते दिखाई देते हैं। वहीं पाकिस्तान ने चीन के साथ अपने राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने पर 75 पाकिस्तानी रुपये का एक खास स्मारक सिक्का जारी करने का ऐलान किया है। पाकिस्तान, चीन के साथ अपनी पुरानी और मजबूत रणनीतिक साझेदारी का ढिंढोरा पीटते दिखाई दे रहा है।
बता दें कि, पाकिस्तान और चीन के बीच आधिकारिक राजनयिक संबंध साल 1951 में शुरू हुए थे। पाकिस्तान मुस्लिम मुल्कों में पहला और दुनिया का ऐसा केवल तीसरा देश था, जिसने सोशलिस्ट क्रांति के बाद चीनी गणतंत्र को मान्यता दी थी। पाकिस्तान ने इस मान्यता की घोषणा 4 जनवरी 1950 को कर दी थी।
पाकिस्तान नें जारी किया सिक्का
स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने गुरुवार को बताया कि यह खास स्मारक सिक्का 25 मई से देशभर में बैंक के काउंटरों पर आम लोगों के लिए उपलब्ध होगा। एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया गया कि पाकिस्तान और चीन के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने पर पाकिस्तान सरकार ने 75 रुपये का खास स्मारक सिक्का जारी करने का फैसला लिया है। यह सिक्का 25 मई 2026 से स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के बैंकिंग काउंटरों पर आम लोगों के लिए उपलब्ध होगा। पाकिस्तान और चीन को अक्सर “हर मौसम के दोस्त” कहा जाता है। दोनों देशों के बीच कई दशकों से रक्षा, व्यापार, बुनियादी ढांचे और विदेश नीति जैसे क्षेत्रों में मजबूत सहयोग बना हुआ है।
चीन के बूते उछल रहा है पाकिस्तान
बता दें कि, चीन, पाकिस्तान का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार और बड़ा निवेशक माना जाता है। खास तौर पर अरबों डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना यानी चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर के जरिए चीन ने पाकिस्तान में बड़े निवेश किए हैं। यह परियोजना चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव हिस्सा है। दोनों देश इस खास वर्षगांठ को मनाने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम और समारोह आयोजित कर रहे हैं। गुरुवार को इस्लामाबाद में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में पाकिस्तान के कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान चीन की 14वीं नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति के उपाध्यक्ष Cai Dafeng ने चीनी नेतृत्व का प्रतिनिधित्व किया। वहीं शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) भी 23 से 26 मई तक चीन यात्रा पर जाएंगे। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करना और वर्षगांठ से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होना है।