Twisha Sharma case: पूरे देश में इस समय चर्चा का विषय बने ट्विशा शर्मा मौत मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। ट्विशा के परिजन उसके शव का दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग कर रहे थे। वहीं इस मामले पर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम करने का आदेश दिया है। दिल्ली या जम्मू एम्स की निगरानी में पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हाई कोर्ट ने दिल्ली से एक्सपर्ट को भोपाल भेजने के निर्देश दिए। साथ ही कोर्ट ने ट्विशा के शव को भोपाल एम्स में -80 डिग्री सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रखने को भी कहा है।
वहीं इस मामले में ज्यादा जानकारी देते हुए ट्विशा शर्मा के परिवार के वकील अंकुर पांडे ने बताया कि अदालत ने AIIMS के डायरेक्टर को जल्द से जल्द दूसरा पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली से विशेषज्ञ डॉक्टर भोपाल आएंगे और एम्स में रखे ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि पीड़िता के पिता ने सेशंस कोर्ट द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई जमानत को भी हाई कोर्ट में चुनौती दी है। दोनों याचिकाओं पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया है और अगली सुनवाई 25 तारीख को तय की गई है। वकील के मुताबिक, अगली सुनवाई में इस बात पर बहस होगी कि गिरिबाला सिंह की जमानत क्यों रद्द की जानी चाहिए, जमानत आदेश में कौन-कौन सी कानूनी कमियां हैं और किन आधारों पर उसे चुनौती दी गई है। इन सभी मुद्दों पर 25 तारीख को अदालत में सुनवाई होगी।
परिवार ने अब किया ये खुलासा
बता दें कि, ट्विशा शर्मा मौत मामले को लेकर अब सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है। वहीं इस पूरे मामले में ट्विशा की भाभी डॉ. राशि ओबरॉय ने कहा कि परिवार सरकार का आभारी है, लेकिन यह फैसला काफी देर से लिया गया है। उन्होंने कहा कि परिवार को सीबीआई जांच की मांग इसलिए करनी पड़ी क्योंकि मामले में कई बड़ी खामियां नजर आ रही थीं। उनके मुताबिक, एफआईआर दर्ज करने में तीन दिन लग गए। साथ ही पुलिस परिवार पर दबाव बना रही थी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही ट्विशा का अंतिम संस्कार कर दिया जाए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामान्य जानकारियां तक गलत लिखी गई हैं और पूरी रिपोर्ट बेहद अस्पष्ट तरीके से तैयार की गई है। परिवार का कहना है कि गला कसने में इस्तेमाल हुई चीज को फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित ही नहीं रखा गया, जो पुलिस की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। उन्होंने कहा कि परिवार सिर्फ निष्पक्ष और सही जांच चाहता है। दूसरे पोस्टमार्टम की मांग पर उन्होंने कहा कि पहली रिपोर्ट में बुनियादी जानकारी तक गलत थी। जांच अधिकारी ने जरूरी सबूतों को फोरेंसिक जांच के लिए जमा नहीं किया। उनके मुताबिक, यह बेहद संदिग्ध और गैर-जिम्मेदाराना काम है, इसलिए परिवार इस रिपोर्ट को स्वीकार नहीं कर सकता।
भाई ने गिरिबाला सिंह पर लगाए ये आरोप
वहीं इस मामले में ट्विशा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा का भी बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह इस मामले को हल्के में लेने की कोशिश कर रही हैं। मेजर हर्षित शर्मा ने कहा कि गिरिबाला सिंह यह कहकर अपने कदम को सही ठहरा रही हैं कि वह अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे कानूनी अधिकार हर किसी को मिलते हैं, खासकर उन लोगों को भी, जिनकी जमानत याचिकाएं उन्होंने जज रहते हुए खारिज की थीं। उन्होंने आगे कहा कि जब अदालत पहले ही जमानत खारिज कर चुकी है और उन्हें कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया है, तब भी वह खुद ही अपने फैसले को सही बताने की कोशिश कर रही हैं। हर्षित शर्मा ने सवाल किया कि क्या उन्हें लगता है कि अदालत उन्हें भगोड़ा घोषित कर देगी।