अमेरिका ने पाकिस्तान पर हमला किया तो दिल्ली, मुंबई पर गिराएंगे बम, PAK के पूर्व हाई कमिश्नर की गीदड़भभकी

Abdul Basit: अब्दुल बासित के बयान कोई अचानक कही गई बात नहीं, बल्कि पाकिस्तान की सुरक्षा सोच का हिस्सा हैं। उनके अनुसार, एक पूर्व राजनयिक होने के नाते बासित की बातें वहां के सैन्य और रणनीतिक नजरिए को दर्शाती हैं। भारत के अलग-अलग हिस्सों को निशाना बनाने की उनकी बात को विशेषज्ञ उसी पुरानी कट्टर सोच से जोड़कर देख रहे हैं, जो लंबे समय से भारत के खिलाफ देखी जाती रही है

अपडेटेड Mar 21, 2026 पर 10:38 PM
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PAK के पूर्व हाई कमिश्नर की भारत को गीदड़भभकी

पाकिस्तान के पूर्व राजदूत अब्दुल बासित अमेरिका-इजरायल के डर से  भारत को गीदड़भभकी देते दिखाई दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने एक लाइव कार्यक्रम के दौरान कहा कि अगर पाकिस्तान के मामलों में पश्चिमी देशों का दखल होता है, तो इसके जवाब में भारत के शहरों पर सीधा सैन्य हमला किया जाना चाहिए। बता दें कि, बासित, 2014 से 2017 तक भारत में पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक रह चुके हैं।

PAK के पूर्व हाई कमिश्नर की भारत को गीदड़भभकी

बासित ने डरते हुए कबूल किया कि अमेरिका और इजराइल पाकिस्तान की मिसाइल रेंज से बाहर हैं। यानी वे उन पर हमला करने की औकात नहीं रखते। उन्होंने बेशर्मी से कहा कि जब वे अमेरिका का कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे, तो उनके पास भारत के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। बासित की धमकी दी कि वे बिना सोचे-समझे भारत के दिल दिल्ली और मायानगरी मुंबई पर हमला करेंगे।


खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ सूत्रों का मानना है कि अब्दुल बासित के बयान कोई अचानक कही गई बात नहीं, बल्कि पाकिस्तान की सुरक्षा सोच का हिस्सा हैं। उनके अनुसार, एक पूर्व राजनयिक होने के नाते बासित की बातें वहां के सैन्य और रणनीतिक नजरिए को दर्शाती हैं। भारत के अलग-अलग हिस्सों को निशाना बनाने की उनकी बात को विशेषज्ञ उसी पुरानी कट्टर सोच से जोड़कर देख रहे हैं, जो लंबे समय से भारत के खिलाफ देखी जाती रही है। खास बात यह है कि जो व्यक्ति कभी दोनों देशों के बीच रिश्तों को संभालने की जिम्मेदारी निभा चुका है।

अब्दुल बासित द्वारा भारत को “एकमात्र विकल्प” बताना उनकी एक खतरनाक और हताश सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका या इजरायल पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करते हैं, तो जवाब में भारत को निशाना बनाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचेगा। विशेषज्ञ इस बयान को जानबूझकर किया गया उकसावा मानते हैं, जिसका मकसद क्षेत्रीय तनाव को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाना हो सकता है। बासित की बातों से यह भी संकेत मिलता है कि किसी भी बड़े संकट की स्थिति में पाकिस्तान का ध्यान अपने पड़ोसी भारत की ओर ही जाता है, जिससे इलाके में तनाव और बढ़ने की आशंका रहती है।

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