Pappu Yadav-Anant Singh: 'पागल हो गया है...'; पप्पू यादव के शर्मनाक बयान पर भड़के अनंत सिंह, पूर्णिया सांसद की जा सकती है लोकसभा सदस्यता
Pappu Yadav News: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर पत्रकारों से कहते हैं कि '90% महिलाएं किसी नेता के कमरे में जाए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं।' उनके इस बयान पर JDU विधायक अनंत सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है
Pappu Yadav News: बिहार के सांसद पप्पू यादव ने सेक्सिस्ट टिप्पणियों पर JDU विधायक अनंत सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी
Pappu Yadav News: बिहार से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव संसद में महिला आरक्षण के मुद्दे महिलाओं को लेकर एक विवादित टिप्पणी करने के चलते आलोचनाओं के घेरे में आ गए हैं। पूर्णिया सांसद यादव की राजनीति में महिलाओं को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) और JDU के नेताओं ने उनकी आलोचना की है। जनता दल यूनाइटेड के बाहुबली विधायक अनंत सिंह ने पप्पू यादव को 'पागल' बता दिया है।
इस बीच, बिहार राज्य महिला आयोग ने यादव को नोटिस जारी करके तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है कि क्यों ना उनकी अयोग्यता की सिफारिश करते हुए लोकसभा स्पीकर से संपर्क किया जाए। इस बीच मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कहा, "पप्पू यादव पागल हो गए हैं। उनकी अपनी पत्नी कहां हैं?...उनकी अपनी पत्नी भी एक नेता हैं, किसी और के बारे में बोलने से पहले उन्हें अपनी पत्नी से भी पूछ लेना चाहिए...।"
BJP भी हुई हमलावर
वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी संसद में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के मुद्दे को लेकर महिलाओं पर विवादित टिप्पणी करने के लिए पप्पू यादव की तीखी आलोचना की। यादव की महिलाओं को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का एक वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर सामने आया।
इसके बाद BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने X पर कहा, "चौंकाने वाला बयान! जब देश नारी शक्ति को आगे बढ़ाने में जुटा है, तब देखिए कांग्रेस समर्थित सांसद क्या कह रहे हैं।" सत्तारूढ़ दल के एक अन्य नेता तुहिन सिन्हा ने पोस्ट में यादव के बयान को घृणित और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा, "पप्पू यादव स्वनिर्मित महिला नेताओं का अपमान कर रहे हैं। क्या प्रियंका गांधी वाद्रा इस आपत्तिजनक महिला-विरोधी नेता को बाहर करेंगी या उनके विचारों का समर्थन करती हैं? घृणित लोग।"
#WATCH | Patna, Bihar | On Independent MP Pappu Yadav's statement, JD(U) MLA Anant Kumar Singh says, "Pappu Yadav has gone mad. Where is his own wife?... His own wife is also a leader, he should ask her as well before speaking about someone else..." pic.twitter.com/YaUfapz5Jz
बिहार राज्य महिला आयोग ने यादव को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा है कि क्यों ना उनकी अयोग्यता की सिफारिश करते हुए लोकसभा स्पीकर से संपर्क किया जाए। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने कहा, "हमने पूर्णिया सांसद द्वारा की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का स्वतः संज्ञान लिया है। उनके जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है।"
राष्ट्रीय महिला आयोग भी नाराज
राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख विजया राहटकर ने पप्पू यादव द्वारा महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी पर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए इसे आपत्तिजनक, असंवेदनशील और संविधान की मूल भावना के विरुद्ध बताया। उन्होंने x पर एक पोस्ट में कहा, "यह बयान अत्यंत आपत्तिजनक, असंवेदनशील और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। यह एक संकीर्ण और भेदभावपूर्ण मानसिकता को दर्शाता है, जो महिलाओं के अधिकारों को सीमित करना चाहती है। बिहार राज्य महिला आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।"
आयोग की प्रमुख ने कहा, "संविधान महिलाओं को समान अधिकार प्रदान करता है और वे ‘पंचायतों से लेकर संसद तक सशक्त नेतृत्व प्रदान कर रही हैं। ऐसी टिप्पणियां न केवल उनकी क्षमताओं और उपलब्धियों का अपमान करती हैं बल्कि सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के प्रयासों को भी कमजोर करती हैं।" उन्होंने यादव से बिना शर्त सार्वजनिक माफी की मांग की है।’
नोटिस पर भड़के पप्पू यादव
वहीं, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने के लिए मालदा गए यादव ने नोटिस की जानकारी मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "महिला आयोग कांच के घर में रहकर पत्थर फेंक रहा है। जब मैं जनवरी में पटना में नीट की एक अभ्यर्थी की संदिग्ध यौन उत्पीड़न के बाद मौत को लेकर आंदोलन कर रहा था, तब आयोग कहां था?"
सांसद ने कहा कि उन्होंने महिलाओं के बारे में कोई अशोभनीय टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा, "मैंने केवल यह तथ्य सामने रखा कि कई महिलाएं उन लोगों द्वारा शोषण का शिकार होती हैं, जिन्हें वे अपना मार्गदर्शक मानती हैं। यह बात नेताओं और धार्मिक गुरुओं पर भी लागू होती है, जिनमें से कई दुष्कर्म के मामलों में नामजद हैं।""
यादव ने यह भी दावा किया कि उनके पास महिला आयोग की कुछ सदस्याओं की राजनीतिक नेताओं के साथ कथित आपत्तिजनक तस्वीरें हैं। उन्होंने कहा, "यह नोटिस उल्टा चोर कोतवाल को डांटे जैसी स्थिति है। महिला आयोग पहले उन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करे, जिनका चरित्र ढीला है और जो सार्वजनिक रूप से अश्लील वीडियो देखने के लिए जाने जाते हैं।"
पप्पू यादव ने क्या कहा था?
पप्पू यादव ने सिखों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह और 18वीं सदी के समाज सुधारक राजा राममोहन राय का भी उल्लेख किया, जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने पूछा कि कन्या भ्रूण हत्या और घरेलू हिंसा के लिए कौन जिम्मेदार है। यादव ने कहा, "महिलाओं पर गिद्ध जैसी नजर किसकी है...? यह नेताओं की है। किसी नेता के कमरे से गुजरे बिना 90 प्रतिशत महिलाएं राजनीति नहीं कर सकतीं। नेताओं के रोज के CCTV फुटेज में यह देखा जा सकता है। यह एक संस्कृति बन चुकी है।"
यादव ने दावा किया कि छात्राओं का विद्यालयों एवं कॉलेजों में शोषण होता है। दफ्तरों में महिलाओं के साथ भी ऐसा ही होता है। निर्दलीय सांसद ने कहा, "लोकसभा और विधानसभा महिलाओं को गिद्ध जैसी नजर से देखती है। मैंने सदन में कहा था कि 75 प्रतिशत नेता अश्लील वीडियो देखते हैं। सबके मोबाइल की जांच कर लीजिए। वहां से कुछ मिटता नहीं है। यह व्यवस्था ही सारे कुकर्मों की जड़ है। नेता, बाबाओं, अधिकारियों और पूंजीपतियों की।" उनके इस बयान पर सियासी बवाल मच गया है।