Parliament Budget Session 2026: सूत्रों ने सोमवार (9 फरवरी) को बताया कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। विपक्षी सांसदों का आरोप है कि लोकसभा स्पीकर उन्हें बोलने का मौका नहीं दे रहे हैं। विपक्ष उन पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि स्पीकर के फैसले लगातार सरकार के पक्ष में रहे हैं, जिससे विपक्ष को कार्यवाही को प्रभावित करने का बहुत कम मौका मिला है।
कुछ दिन पहले ओम बिरला ने कांग्रेस सांसदों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ "अप्रत्याशित घटना" की साजिश रचने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की महिला सांसदों को अपमानित महसूस हुआ। जब स्पीकर ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने महिला सांसदों द्वारा संभावित हंगामे की चिंता के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आने से रोका था।
ओम बिरला ने पिछले सप्ताह कहा था कि कांग्रेस के कई सदस्य सदन के नेता की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री मोदी सदन में नहीं आए। बिरला ने गुरुवार को यह भी कहा कि बुधवार को विपक्ष के कुछ सदस्यों ने उनके चैंबर में आकर जिस तरह का व्यवहार किया, वैसा लोकसभा की शुरुआत से लेकर आज तक कभी नहीं हुआ। यह दृश्य एक काले धब्बे की तरह था।
बिरला ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को सदन में नहीं आकर उनके आग्रह को मानते हुए लोकसभा को अप्रिय दृश्य से बचाया। इसके लिए वह प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं। पिछले हफ्ते विपक्ष और ओम बिरला के बीच कई तीखी बहसें हुई। स्पीकर ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एम एम नरवणे के अप्रकाशित किताब से कोट करने या उसके बारे में बोलने की इजाजत नहीं दी।
राहुल गांधी को किताब से कोट करने की इजाजत नहीं मिलने के बाद विपक्ष ने कार्यवाही का बहिष्कार किया। विपक्ष राहुल गांधी को नहीं बोलने देने से स्पीकर से काफी नाराज है। इसके अलावा सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने तथा अन्य मुद्दों पर सदन में गतिरोध की स्थिति बनी रही। गुरुवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर निचले सदन में धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री मोदी के जवाब के बिना पारित कर दिया गया था।
लोकसभा में सोमवार को कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका। बैठक शुरू होने के पांच मिनट बाद ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। बैठक शुरू होते ही लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अंडर-19 क्रिकेट विश्वकप जीतने वाली भारतीय टीम को बधाई दी। इस पर सदस्यों ने मेजें थपथपाकर टीम की जीत की सराहना की।
इसके बाद स्पीकर ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरू कराया, कांग्रेस के सदस्य सदन में उपस्थित नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की अनुमति मांगने लगे। इस पर लोकसभा स्पीकर ने कहा कि प्रश्नकाल में केवल सवाल पूछे जाते हैं। कभी किसी सदस्य को अन्य कोई विषय उठाने की अनुमति नहीं दी जाती।
उन्होंने हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील करते हुए कहा कि वह बजट पर सदन में होने वाली चर्चा में सभी सदस्यों को उनके लिए आवंटित समय के अनुसार बोलने का अवसर देंगे। बिरला ने कहा, "प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल में या बजट पर चर्चा के दौरान सभी सदस्यों को बोलने का मौका दिया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष हों या कोई अन्य सदस्य हो, सभी को पूरा अवसर दिया जाता है। आप बजट पर चर्चा करते समय अपनी बात रख सकते हैं।"
उन्होंने विपक्षी सदस्यों से नियोजित तरीके से सदन की कार्यवाही बाधित नहीं करने का अनुरोध करते हुए कहा, "प्रश्नकाल सांसदों का समय होता है। इस दौरान सदन को बाधित नहीं करें। सदन नियम प्रक्रियाओं से चलता है। नियोजित तरीके से गतिरोध और नारेबाजी के लिए सदन नहीं है।" इस दौरान कांग्रेस के सांसदों ने आसन के पास आकर नारेबाजी शुरू कर दी। शोर-शराबा जारी रहने पर स्पीकर ने पांच मिनट बाद ही कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।