पटना के हाई-प्रोफाइल पारस अस्पताल में हुआ ऐसा दिल दहला देने वाला हमला, जिसने बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। CCTV में कैद हुआ वो खौफनाक मंजर, जब पांच बदमाश चुपचाप अस्पताल के कॉरिडोर में दाखिल हुए। सबसे आगे था, तौसीफ बादशाह, शर्ट के ऊपर के बटन खुले, हाथ में पिस्तौल और चेहरे पर न तो डर, न घबराहट। भारी कदम और ठहराव के साथ वो अपने चार साथियों के साथ पूरे स्टाइल में अस्पताल के कॉरिडोर में दिखा।
अस्पताल के ICU में लेटा था चंदन मिश्रा, एक कुख्यात गैंगस्टर, जिसके ऊपर 24 आपराधिक मामले थे, जिनमें दर्जनों हत्याएं शामिल हैं। चंदन मेडिकल पैरोल पर जेल से बाहर था। पुलिस की चौकसी में पारास अस्पताल में भर्ती था। लेकिन गुरुवार की सुबह पांच बदमाश बिना किसी रोक-टोक के ICU में घुसे, चंदन पर गोलियां चलाईं और घटनास्थल से फरार हो गए।
सुबह 7:30 बजे खबर आई, 8 बजे तक सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मर्डर का वीडियो। कुछ ही घंटों में पुलिस ने हमलावरों की पहचान कर ली। वीडियो में साफ दिखता है, तौसीफ बादशाह का वो ठेठ किलर स्टाइल, जिसने गोली चलाने के बाद भी घबराहट नहीं दिखाई और बिना रुके घटनास्थल से निकल गया।
इसके बाद आई दो तस्वीरें, जो इस वारदात की निडरता को और बढ़ा गईं। एक में तौसीफ बाइक पर सवार है, एक हाथ से पिस्तौल लहराता हुआ, जबकि दूसरे हमलावर खुशी में दोनों हाथ उठाए दिखे।
पुलिस के मुताबिक, तौसीफ पटना के फुलवारी शरीफ का रहने वाला है। पिता हार्डवेयर का बिजनेस करते हैं, मां टीचर है। पढ़ाई Saint Karen's School से हुई है। तौसीफ का भी आपराधिक रिकॉर्ड है, खासकर हथियारों के मामले में। बताया जा रहा है कि वह हाल ही में 'कॉन्ट्रैक्ट किलिंग' में शामिल हुआ था, पैसा लेता था किसी की हत्या करने या लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के लिए।
मर्डर के पीछे पुरानी रंजिश
पुलिस सूत्रों ने खुलासा किया कि चंदन मिश्रा और शेरू नाम के गैंगस्टर के बीच पुरानी दुश्मनी थी। कभी साथी रहे दोनों का झगड़ा भागलपुर जेल में हुआ, जिसके बाद चंदन अलग होकर अपनी गैंग चलाने लगा, लेकिन फिर भी 'शेरू गैंग' के नाम से जुड़ा रहा।
मर्डर की खबर ने बिहार की राजनीति में तूफान ला दिया। RJD के नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, "सरकार के संरक्षण में अपराधी मरीज पर गोली चला रहे हैं। क्या बिहार में कोई सुरक्षित है? क्या 2005 से पहले RJD के शासन में ऐसा हुआ था?"
पूर्णिया के कांग्रेस सांसद पप्पू यादव ने धमकी भरा फोन मिलने की बात कही और कहा, "राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ढह गई है। मैं राज्यपाल से मिलने के बाद राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करूंगा। जाति के आधार पर हत्याएं हो रही हैं।"
अब तक पटना और बक्सर से छह संदिग्ध गिरफ्तार किए गए हैं। शेरू गैंग के ठिकानों पर तलाशी जारी है। प्रशासन पूरी ताकत से मामले की जांच में जुटा है।
यह मर्डर ना सिर्फ कानून व्यवस्था की बड़ी विफलता है, बल्कि बिहार में बढ़ते अपराध और राजनीतिक संरक्षण की एक नई कहानी भी बयां करता है। आने वाले दिनों में इस कांड का असर बिहार की सियासत और कानून व्यवस्था पर और भी गहरा दिखेगा। क्योंकि कुछ ही महीनों में वहां विधानसभा चुनाव होने हैं।