Temjen Imna Along: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की बेरहमी से हत्या के बाद पूरे पूर्वोत्तर भारत में भारी आक्रोश है। अपनी बेबाक राय के लिए मशहूर नागालैंड के मंत्री तेमजेन इमना अलोंग ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने नस्लीय टिप्पणियों और भेदभाव की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर के लोग भारत का अभिन्न अंग हैं और उन्हें 'चीनी' या 'मोमो' कहना बंद होना चाहिए।
तेमजेन इमना अलोंग का कड़ा संदेश
ईटानगर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अलोंग ने राष्ट्रीय एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'हम खुद को किसी भी तरह से चीनी नहीं मानते। हम किसी भी तरह से 'मोमो' नहीं हैं... हम भारतीय हैं। हम अरुणाचल, नागालैंड, मणिपुर या त्रिपुरा कहीं से भी हो सकते हैं, लेकिन हम भारत का अटूट हिस्सा हैं।' अलोंग का यह बयान उन नस्लीय टिप्पणियों के जवाब में आया है, जो कथित तौर पर हमले के दौरान एंजेल चकमा और उनके भाई पर की गई थीं।
त्रिपुरा के रहने वाले MBA फाइनल ईयर के छात्र एंजेल चकमा की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है। यह घटना 9 दिसंबर की शाम 6 से 7 बजे के बीच देहरादून के सेलाकुई बाजार में हुई थी। एंजेल के भाई माइकल चकमा के अनुसार, जब वे खरीदारी कर रहे थे, तब शराब के नशे में धुत कुछ लोगों ने उन पर नस्लीय और जातिगत टिप्पणियां कीं। विरोध करने पर उन पर चाकू और 'ब्रास के कड़े' से हमला कर दिया गया। एंजेल के पेट और सिर में गंभीर चोटें आई थीं। ग्राफिक एरा अस्पताल में 17 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद 26 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया।
अब तक हुई 5 गिरफ्तारियां, मुख्य आरोपी अभी भी फरार
देहरादून पुलिस ने इस मामले में अब तक 5 लोगों को पकड़ा है। सूरज खवास (22), अविनाश नेगी (25) और सुमित (25)। ये सभी मूल रूप से मणिपुर के निवासी हैं लेकिन देहरादून में रह रहे थे। इसके साथ ही दो नाबालिगों को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह भेजा गया है। इस मामले में मुख्य आरोपी नेपाल के कंचनपुर का रहने वाला यज्ञराज अवस्थी अब भी फरार है। पुलिस ने उस पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया है और उसकी तलाश में एक टीम नेपाल भेजी गई है।