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PFI की बड़ी साजिश का खुलासा! पाकिस्तान से हथियार खरीदने की कर रहा था कोशिश, NIA का कोर्ट में दावा

NIA के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राहुल त्यागी ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने अदालत के समक्ष यह तर्क दिया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के नेता पड़ोसी देशों से हथियार खरीदने और अपने सदस्यों को हथियार की ट्रेनिंग देने की कोशिश कर रहे थे

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Dec 21, 2025 पर 7:03 PM
PFI की बड़ी साजिश का खुलासा! पाकिस्तान से हथियार खरीदने की कर रहा था कोशिश, NIA का कोर्ट में दावा
मीडियाकर्मियों को बंद कमरे में हुई अदालती कार्यवाही को कवर करने की अनुमति नहीं थी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पड़ोसी देशों से हथियार खरीदने और अपने सदस्यों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने की कोशिश कर रहा था। ये दलीलें शनिवार (20 दिसंबर) को एनआईए के स्पेशल जज प्रशांत शर्मा के समक्ष पेश की गईं। शर्मा पीएफआई के 20 आरोपी नेताओं के खिलाफ आरोपों पर दलीलें सुन रहे थे। मीडियाकर्मियों को बंद कमरे में हुई अदालती कार्यवाही को कवर करने की अनुमति नहीं थी।

NIA के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राहुल त्यागी ने शनिवार (20 दिसंबर) को अदालत के बाहर पत्रकारों से कहा कि उन्होंने अदालत के समक्ष यह तर्क दिया कि पीएफआई नेता पड़ोसी देशों से हथियार खरीदने और अपने सदस्यों को हथियार की ट्रेनिंग देने की कोशिश कर रहे थे।

पीएफआई नेताओं पर लगे आरोपों पर त्यागी ने कहा, "वे अपने कार्यकर्ताओं को आईएसआईएस से रणनीति सीखने के लिए सीरिया भेज रहे थे ताकि इन्हें भारत में लागू किया जा सके। उन्होंने विशेष दस्ते बनाये थे जो BJP, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेताओं की सूची तैयार रखते थे और उन पर नजर रखते थे।"

अभियोजक ने आरोप लगाया कि इस समूह का गठन युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के मकसद से किया गया था। त्यागी ने कहा, "पीएफआई और उसके नेतृत्व के खिलाफ मामला यह है कि उन्होंने भारत में खिलाफत स्थापित करने और शरिया कानून लागू करने के उद्देश्य से मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए संगठन का गठन किया।"

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