Exit Poll: बंगाल से लेकर असम तक...किसकी बनेगी सरकार? फलोदी सट्टा बाजार के आंकड़ों ने सबको चौंकाया
Phalodi Satta Bazaar: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। 2021 में मिली बड़ी जीत के बाद अब उनके सामने तृणमूल कांग्रेस का दबदबा बनाए रखने की चुनौती है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के लिए यह चुनाव “करो या मरो” जैसी स्थिति में है, जहां उसे अपनी लंबे समय की मेहनत को सत्ता में बदलने का मौका दिख रहा है। सट्टा बाजार के अनुमान बताते हैं कि इस बार मुकाबला काफी कड़ा हो सकता है
देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में मतदान पूरा हो चुका है।
देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में मतदान पूरा हो चुका है। ऐसे में अब सबकी नजर एग्जिट पोल पर टिक गई है। ये एग्जिट पोल आज शाम 6 बजे से जारी होने शुरू हो गए हैं और वोटरों के रुझान की पहली साफ तस्वीर सामने लाएंगे। इसके साथ ही फलोदी सट्टा बाजार के अनुमान भी चर्चा में बने हुए हैं। हालांकि यह एक अनौपचारिक सट्टेबाजी का बाजार है, लेकिन कई लोग इसे ज़मीनी माहौल का संकेत मानते हैं।
फिर भी यह ध्यान रखना जरूरी है कि सट्टा बाजार के आंकड़े किसी वैज्ञानिक सर्वे पर आधारित नहीं होते, बल्कि सिर्फ अटकलों पर टिकी होती हैं। इसके बावजूद, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी को लेकर इनके अनुमान से शुरुआती तौर पर यह समझने में मदद मिल जाती है कि चुनावी मुकाबला किस दिशा में जा सकता है।
बंगाल को लेकर क्या कहता है सट्टा बाजार?
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। 2021 में मिली बड़ी जीत के बाद अब उनके सामने तृणमूल कांग्रेस का दबदबा बनाए रखने की चुनौती है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के लिए यह चुनाव “करो या मरो” जैसी स्थिति में है, जहां उसे अपनी लंबे समय की मेहनत को सत्ता में बदलने का मौका दिख रहा है। सट्टा बाजार के अनुमान बताते हैं कि इस बार मुकाबला काफी कड़ा हो सकता है। इन अनुमानों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस को करीब 158 से 161 सीटें मिल सकती हैं, जो बहुमत के आंकड़े से थोड़ा ही ज्यादा है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी को 127 से 130 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि तृणमूल कांग्रेस अभी बढ़त में दिख रही है, लेकिन सीटों का यह अंतर 2021 में मिली 213 सीटों के मुकाबले काफी कम है। इससे साफ संकेत मिलता है कि इस बार चुनाव ज्यादा टक्कर वाला हो सकता है। अब सबकी नजर आज शाम आने वाले एग्जिट पोल पर है, जिससे यह पता चलेगा कि ये अनुमान सही साबित होते हैं या नहीं।
तमिलनाडु में क्या है अनुमान
मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के लिए यह चुनाव काफी अहम है, क्योंकि उन्हें सत्ता विरोधी माहौल का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के नेतृत्व वाला विपक्ष बदलते राजनीतिक माहौल में अपनी खोई हुई ताकत वापस पाने की कोशिश कर रहा है। सट्टा बाजार के अनुमान बताते हैं कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को इस बार साफ बढ़त मिल सकती है। 234 सीटों वाली विधानसभा में डीएमके को करीब 141 से 144 सीटें मिलने का अनुमान है, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ज्यादा है। इससे संकेत मिलता है कि राज्य में मौजूदा सरकार दोबारा सत्ता में आ सकती है। तमिलनाडु में अक्सर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच सत्ता बदलती रही है। अब एग्जिट पोल से यह और साफ होगा कि इस बार भी यह परंपरा जारी रहती है या सत्ताधारी पार्टी अपनी पकड़ बनाए रखती है।
केरल: क्या फिर बदलेगी सरकार?
केरल का चुनाव इस बार काफी दिलचस्प है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट लगातार तीसरी बार सत्ता में लौट पाएगा, या फिर राज्य अपनी पुरानी परंपरा पर वापस जाएगा, जहां हर चुनाव में सरकार बदलती रही है। सट्टा बाजार के संकेतों के मुताबिक, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट की वापसी हो सकती है। अनुमान है कि यूडीएफ को करीब 75 से 77 सीटें मिल सकती हैं। वहीं, मौजूदा सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट को 62 से 64 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है। अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो केरल में फिर वही पुराना ट्रेंड लौट सकता है। यह वही परंपरा है, जिसे लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट ने 2021 में तोड़ दिया था।
असम: एनडीए कर सकती है कमाल
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के लिए यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। यह उनके लिए पूर्वोत्तर में भारतीय जनता पार्टी की पकड़ और मजबूत करने और दोबारा सत्ता में लौटने का मौका है। सट्टा बाजार के अनुमानों के अनुसार, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को इस बार बड़ी जीत मिल सकती है। अनुमान है कि एनडीए को करीब 97 से 99 सीटें मिल सकती हैं, जो कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन से काफी ज्यादा है। कांग्रेस गठबंधन को लगभग 23 से 25 सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है। अगर ये आंकड़े सही साबित होते हैं, तो एनडीए अपनी 2021 की 75 सीटों के मुकाबले और बेहतर प्रदर्शन करेगा और राज्य में उसकी पकड़ और मजबूत हो जाएगी।
पुडुचेरी: एनडीए की बढ़त बरकरार रहने के संकेत
पुडुचेरी में इस बार मुकाबला इस बात पर टिका है कि क्या मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी अपनी सरकार को बचा पाएंगे। उनके सामने कांग्रेस की नई कोशिशें चुनौती बनकर सामने हैं। हालांकि सट्टा बाजार के सटीक आंकड़े ज्यादा सामने नहीं आए हैं, लेकिन जो रुझान दिख रहे हैं, उनसे लगता है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बढ़त बरकरार रह सकती है। 30 सीटों वाली इस विधानसभा में फिलहाल माहौल एनडीए के पक्ष में जाता दिख रहा है, हालांकि अंतिम तस्वीर एग्जिट पोल और नतीजों के बाद ही साफ होगी।