Pinarayi Vijayan: केरल विधानसभा चुनाव के नतीजों की घड़ी करीब आते ही सूबे की सियासत में हलचल तेज हो गई है। मतगणना से ठीक पहले मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के एक कदम ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। विजयन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के बायो से 'मुख्यमंत्री' का टैग हटा दिया है। रविवार को अपडेट किए गए उनके नए बायो में अब केवल पोलित ब्यूरो सदस्य, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) लिखा हुआ है।
एग्जिट पोल्स के नतीजों ने बढ़ाई धड़कनें?
सोशल मीडिया पर कुछ लोग विजयन के इस कदम को हालिया एग्जिट पोल्स के रुझानों से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं बहुत ऐसे भी हैं जिनका मानना है कि विजयन ने स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल के तहत जनादेश के आने के बाद विधायक दल का नेता चुनने इत्यादि की प्रक्रिया का सम्मान करते हुए ऐसा किया है. चाहे जो भी हो, विजयन के इस कदम की जोरदार चर्चा हो रही है।
आपको बता दें कि विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल्स में केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF की जीत की भविष्यवाणी की गई है-
Axis My India: 140 सदस्यीय विधानसभा में UDF को 78 से 90 सीटें मिलने का अनुमान जताया है, जबकि सत्ताधारी LDF को 49 से 62 सीटें मिल सकती हैं।
People's Pulse: यूडीएफ को 75 से 85 और एलडीएफ को 55 से 60 सीटें मिलने की संभावना जताई है।
JVC: यूडीएफ को 72 से 84 और एलडीएफ को 52 से 60 सीटें मिलने का दावा किया है।
अपनी ही सीट पर फंसा है मुकाबला?
पिनराई विजयन अपनी पारंपरिक सीट धर्माडम से तीसरी बार ऐतिहासिक जीत की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, इस बार यहां त्रिकोणीय मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। विजयन के खिलाफ UDF ने वीपी अब्दुल रशीद और बीजेपी ने के. रंजीत को मैदान में उतारा है। पिछली बार विजयन ने इस सीट पर 59.8% वोट पाकर बड़ी जीत दर्ज की थी। पहली बार यहां से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने 30,905 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी।
केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ था, जिसमें 78.27% वोटिंग दर्ज की गई थी। 2021 के चुनाव में एलडीएफ ने 140 में से 99 सीटें जीतकर केरल की उस परंपरा को तोड़ दिया था जिसमें हर पांच साल में सरकार बदल जाती थी। अब 4 मई को आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि विजयन दोबारा मुख्यमंत्री बनेंगे या सत्ता यूडीएफ के हाथ में जाएगी। केरल के साथ-साथ आज तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के चुनावी नतीजों पर भी पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।