PM Modi in Rajya Sabha: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (24 मार्च) दोपहर 2 बजे राज्यसभा को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया का संकट भारत के लिए चिंता का कारण है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में संवाद और कूटनीति के माध्यम से शांति चाहता है। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने बताया कि भारत आज की तारीख में 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने LPG का घरेलू उत्पादन बढ़ाया है। पीएम मोदी ने कहा कि LPG टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंचे हैं। PM मोदी ने कहा कि अगर पश्चिम एशिया संकट लंबे समय तक रहा तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि हम सभी संभव स्रोतों से गैस, कच्चा तेल खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, आने वाले दिनों में प्रयास जारी रहेंगे।
भारतीय की सुरक्षा चिंता का विषय
पीएम मोदी ने कहा, "खाड़ी के देशों में बसे भारतीयों की सुरक्षा और आजीविका सरकार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। भारत संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति बहाली चाहता है।" प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और इसके कारण भारत के सामने आई चुनौतियों पर राज्यसभा में वक्तव्य देते हुए कहा कि तीन सप्ताह से अधिक समय हो चुका है।
उन्होंने कहा कि इस युद्ध ने विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा, "इस युद्ध से हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक जैसे जरूरी सामान की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है।"
खाड़ी देशों के संपर्क में भारत
PM मोदी ने कहा कि उन्होंने युद्ध की शुरुआत के बाद से पश्चिम एशिया के ज्यादातर देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो दौर में फोन पर बात की है। प्रधानमंत्री ने कहा, "हम खाड़ी के सभी देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं। हम ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं।"
पीएम मोदी ने कहा, "मैंने ज्यादातर वेस्ट एशियाई देशों के हेड्स ऑफ स्टेट्स से 2 बार बात की है। हम सभी गल्फ़ देशों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। हम ईरान, इजरायल और US के साथ भी बातचीत कर रहे हैं। हमारा मकसद बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए इस इलाके में शांति फिर से लाना है। हमने उनसे डी-एस्केलेशन और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के बारे में भी बात की है।"
कमर्शियल जहाजों पर हमले मंजूर नहीं
पीएम मोदी ने आगे कहा, "कमर्शियल जहाजों पर हमले और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे इंटरनेशनल समुद्री रास्ते में रुकावट मंजूर नहीं है। भारत ने आम लोगों, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है। भारत युद्ध के इस समय में भी भारतीय जहाजों के सुरक्षित आने-जाने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। इस संकट के हल के लिए भारत ने बातचीत का सुझाव दिया है। इस युद्ध में किसी की भी जान को खतरा इंसानियत के हित में नहीं है। इसलिए भारत की कोशिश सभी पार्टियों को शांतिपूर्ण हल के लिए बढ़ावा देने की रही है।"
'संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति की बहाली हो'
उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य संवाद और कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति की बहाली का है। हमने संघर्ष को कम करने और होर्मुज मार्ग को खोलने के बारे में भी बातचीत की है।" PM मोदी ने कहा कि खाड़ी के देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका जीवन एवं आजीविका भारत के लिए बहुत बड़ी चिंता का कारण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में दुनिया के कई जहाज फंसे हुए हैं। उनमें भारतीय चालक दल की संख्या भी बहुत अधिक है तथा यह भी भारत की एक बड़ी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसी विकट परिस्थिति में आवश्यक है कि भारत की संसद के इस उच्च सदन से शांति एवं संवाद की एकजुट आवाज पूरे विश्व में जाए।