ब्रह्मोस डील, सबांग पोर्ट और IIM कैंपस... PM Modi की इंडोनेशिया यात्रा की 20 बड़ी उपलब्धियां ये रहीं
PM Modi Indonesia Visit 20 Outcomes: दोनों नेताओं ने भारत और इंडोनेशिया ने आपसी द्विपक्षीय सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए करीब एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्नोलॉजी, खाद्य सुरक्षा, दवाएं और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। जानिए पूरी डिटेल्स
पीएम मोदी ने अपने बयान में कहा कि साल 2018 में हमने जो व्यापक रणनीतिक साझेदारी बनाई थी वह आज एक नई उड़ान भर रही है
PM Modi Indonesia visit 20 outcomes list: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया की राजकीय यात्रा दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक साबित हुई है। जकार्ता में पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों ने आपसी द्विपक्षीय सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए करीब एक दर्जन समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इनमें क्रिटिकल मिनरल्स, टेक्नोलॉजी, खाद्य सुरक्षा, दवाएं और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
वार्ता के बाद पीएम मोदी ने अपने बयान में कहा कि साल 2018 में हमने जो व्यापक रणनीतिक साझेदारी बनाई थी वह आज एक नई उड़ान भर रही है। हम विकास, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा जैसे हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा कि आज से भारत-इंडोनेशिया साझेदारी का एक स्वर्ण अध्याय शुरू हो रहा है।
रक्षा, डिजिटल पेमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े मील के पत्थर
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल द्वारा साझा किए गए आधिकारिक विवरण और पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इस यात्रा के दौरान कई बड़े और रणनीतिक ऐलान किए गए हैं।
सबांग पोर्ट का संयुक्त विकास: दोनों देश रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण साबांग पोर्ट का संयुक्त रूप से विकास करने पर सहमत हुए हैं। ये स्ट्रेट ऑफ मक्का के ठीक सामने स्थित है और भारत के ग्रेट निकोबार पोर्ट प्रोजेक्ट से महज 100 मील की दूरी पर है।
UPI और डिजिटल पेमेंट इंटीग्रेशन: भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI अब इंडोनेशिया के भुगतान सिस्टम के साथ इंटिग्रेट होने के लिए पूरी तरह तैयार है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार और यात्रा दोनों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
ब्लू इकोनॉमी और समुद्री व्यापार: दोनों पक्षों ने ब्लू इकोनॉमी, समुद्री व्यापार और बंदरगाह विकास के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने का निर्णय लिया है।
वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा: दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति सहित विभिन्न वैश्विक चुनौतियों पर भी चर्चा की, जहां पीएम मोदी ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर भारत के पुराने रुख को दोहराते हुए टू-स्टेट सॉल्यूशन और दीर्घकालिक शांति का समर्थन किया।
यहां दोनों देशों के बीच हुए उन 20 महत्वपूर्ण समझौतों और निर्णयों की पूरी सूची दी गई है, जो इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धियां बनकर सामने आई हैं:
1- स्टील सप्लाई चेन और मिनरल्स सहयोग
समझौता: स्टील सप्लाई चेन के मिनरल्स और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग के लिए दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ है।
मायने: यह खनिज और खनन क्षेत्र में आपसी निवेश को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही एडवांस्ड एक्सट्रैक्शन और प्रोसेसिंग तकनीकों तक पहुंच में सुधार होगा, संयुक्त अध्ययनों व परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और क्रिटिकल मिनरल सप्लाई चेन मजबूत होगी।
2- समुद्री सुरक्षा सहयोग का विस्तार
समझौता: मैरीटाइम सेफ्टी एंड सिक्योरिटी कोऑपरेशन पर MoU और इम्प्लीमेंटेशन अरेंजमेंट का विस्तार किया गया है।
मायने: इससे दोनों देशों के तटरक्षक बलों के बीच सहयोग और मजबूत होगा। मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस, सर्च एंड रेस्क्यू और क्षमता निर्माण में तालमेल बढ़ेगा जिससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को बढ़ावा मिलेगा।
3- रेयर अर्थ मैग्नेट्स का विकास
समझौता: भारत के NFTDC, मिडवेस्ट लिमिटेड और इंडोनेशिया के PT PERMINAS के बीच रेयर अर्थ मैग्नेट्स के विकास को लेकर MoU पर हस्ताक्षर हुए हैं।
मायने: यह कदम रेयर अर्थ्स (दुर्लभ तत्वों) और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में आपसी सहयोग को आगे बढ़ाएगा। इससे इस क्षेत्र की वैश्विक सप्लाय चेन में विविधता आएगी और अन्य देशों पर निर्भरता कम होगी।
4- ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम पर सहयोग
समझौता: इंडोनेशियाई सेना को ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति और इस पर सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच आधिकारिक सहमति बनी है।
मायने: यह रक्षा समझौता भारतीय रक्षा उद्योग की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करता है। इससे आत्मनिर्भर भारत अभियान को बल मिलेगा और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण के साथ-साथ नवाचार, वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
5- एयर-टू-एयर मिसाइल सहयोग
समझौता: हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत इंडोनेशिया भारत की अस्त्र मिसाइलों का आयात करेगा।
मायने: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस भारतीय मिसाइल की अचूक सफलता को देखते हुए इंडोनेशियाई सेना ने इसे खरीदने का फैसला लिया है। यह समझौता भारत के रक्षा निर्यात और मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के संकल्प को गति देगा, जिससे भारत के स्वदेशी मिसाइल विकास इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।
6- स्टेनलेस-स्टील स्लैब विनिर्माण के लिए संयुक्त उद्यम
समझौता: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया और इंडोनेशिया की पीटी क्रकाटाऊ स्टील के बीच इंडोनेशिया में स्टेनलेस-स्टील स्लैब विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए एक रणनीतिक संयुक्त उद्यम का गठन किया गया है।
मायने: यह साझा उत्पादन और आधुनिक तकनीक तक पहुंच को आगे बढ़ाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और यह 'विकसित भारत' के औद्योगिक लक्ष्यों में योगदान देगा।
7- अंतरिक्ष सहयोग समझौते का विस्तार
समझौता: शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए बाहरी अंतरिक्ष के अन्वेषण और उपयोग में सहयोग पर चल रहे फ्रेमवर्क समझौते का विस्तार किया गया है।
मायने: यह कदम दोनों देशों के बीच संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी साझाकरण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देता है, जिससे भारत और इंडोनेशिया की तीन दशक पुरानी अंतरिक्ष साझेदारी और अधिक मजबूत होगी।
8- प्रंबानन मंदिर परिसर का संरक्षण और जीर्णोद्धार
समझौता: ऐतिहासिक प्रंबानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए भारत की तरफ से सहायता प्रदान की जाएगी।
मायने: विकास भी, विरासत भी के दृष्टिकोण के तहत, यह दोनों देशों के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को आगे बढ़ाता है और हेरिटेज कंजर्वेशन में भारत की वैश्विक विशेषज्ञता को प्रदर्शित करता है।
9- कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग
समझौता: कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में व्यापक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
मायने: यह टिकाऊ कृषि, फसलों और कृषि मशीनरी के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाएगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने वाले संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
10- चिकित्सा उत्पाद विनियमन में सहयोग
समझौता: भारत के CDSCO और इंडोनेशिया के BPOM के बीच चिकित्सा उत्पाद विनियमन के क्षेत्र में सहयोग के लिए MoU हुआ है।
मायने: यह वैश्विक नियामक मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं पर ज्ञान के आदान-प्रदान को सक्षम बनाएगा, जिससे भारतीय चिकित्सा उत्पादों पर भरोसा बढ़ेगा और इंडोनेशियाई बाजार में भारतीय दवाओं व उत्पादों की पहुंच आसान होगी।
11- आपदा प्रबंधन में आपसी सहयोग
समझौता: भारत के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और इंडोनेशिया की नेशनल एजेंसी फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट के बीच MoU हुआ है।
मायने: इससे रक्षा एक्सचेंजों, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग में आपसी समन्वय बेहतर होगा। यह समझौता आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान, शुरुआती चेतावनी और जोखिम मूल्यांकन के लिए तकनीक-आधारित ऐप्लिकेशंस के उपयोग को बढ़ावा देगा।
12- दूरसंचार प्रौद्योगिकियों और सेवाओं में साझेदारी
समझौता: दूरसंचार प्रौद्योगिकियों और सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन हुआ है।
मायने: यह कदम वायरलेस और क्वांटम सिस्टम सहित उन्नत टेलीकॉम तकनीकों तक पहुंच में सुधार करेगा और दोनों देशों के बीच संयुक्त नवाचार और प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को भी मजबूती प्रदान करेगा।
13- अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नवाचार सहयोग
समझौता: रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन कोऑपरेशन पर दोनों देशों के बीच MoU हुआ है।
मायने: यह प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को सक्षम बनाकर भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ करेगा, जिससे 'स्टार्टअप इंडिया मिशन' सहित दोनों देशों के स्टार्टअप और नवाचार इकोसिस्टम को गति मिलेगी।
14- स्वास्थ्य कार्यबल सहयोग
समझौता: हेल्थ कार्यबल सहयोग पर कार्यान्वयन व्यवस्था लागू की गई है।
मायने: यह स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए फेलोशिप कार्यक्रमों की सुविधा देगा और योग्य भारतीय स्वास्थ्य पेशेवरों को इंडोनेशिया में काम करने के अवसर व विशिष्ट चिकित्सा क्षेत्रों में व्यावहारिक नैदानिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
15- समुद्री सुरक्षा के लिए इन्फोसेंटर में तैनाती
समझौता: भारत के IFC-IOR में एक इंडोनेशियाई संपर्क अधिकारी की तैनाती की जाएगी।
मायने: यह रणनीतिक कदम वास्तविक समय में समुद्री सूचनाओं के साझाकरण को बढ़ाएगा, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग को और अधिक मजबूती मिलेगी।
16- इंडोनेशिया को उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं के बीजों की आपूर्ति
समझौता: भारत द्वारा इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले 'DWR 162' गेहूं के बीजों की आपूर्ति की जाएगी।
मायने: यह कदम इंडोनेशिया और पूरे ग्लोबल साउथ की खाद्य सुरक्षा का मजबूती से समर्थन करता है और कृषि क्षेत्र में दोनों देशों के व्यापक जुड़ाव को दर्शाता है।
17- टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति वर्ष
समझौता: 'टैगोर-देवान्तारा सांस्कृतिक और शैक्षिक कूटनीति वर्ष' के आयोजन की आधिकारिक घोषणा की गई है।
मायने: यह गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और इंडोनेशिया के की हजार देवान्तारा के साझा शैक्षिक दृष्टिकोण का उत्सव मनाता है। रवींद्रनाथ टैगोर की 1927 की इंडोनेशिया यात्रा के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में साल भर चलने वाले संयुक्त सांस्कृतिक, शैक्षिक और जन-दर-जन संपर्क कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी।
18- इंडोनेशिया में IIM बैंगलोर का नया कैंपस
समझौता: इंडोनेशिया के सिंघासारी SEZ में भारतीय प्रबंधन संस्थान, बैंगलोर के एक ब्रांच कैंपस की स्थापना की जाएगी।
मायने: यह वैश्विक स्तर पर भारत की शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है और दुनिया भर में एक 'नॉलेज हब' के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को और मजबूत करेगा।
19- डिजिटल कॉमर्स और पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर में सहयोग
समझौता: भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) और इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) के बीच सहयोग पर सहमति बनी है।
मायने: यह डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देगा, जिससे भारत के ONDC आर्किटेक्चर पर आधारित यह मॉडल आम लोगों के लिए डिजिटल सेवाओं को अधिक सुलभ, कुशल और समावेशी बनाएगा।
20- निर्वाचन आयोगों के बीच ऐतिहासिक समझौता
समझौता: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और इंडोनेशिया के सामान्य चुनाव आयोग (KPU) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
मायने: यह दोनों बड़े लोकतांत्रिक देशों के चुनाव निकायों के बीच ज्ञान, अनुभवों और सर्वोत्तम चुनावी प्रथाओं को साझा करने की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे मानव संसाधन विकास और कुशल प्रशासनिक प्रथाओं के लिए तकनीक के उपयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।
इंडोनेशिया में रक्षा, शिक्षा और आर्थिक सहयोग के इन तमाम ऐतिहासिक मील के पत्थरों को स्थापित करने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यापार और सुरक्षा सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए अपने तीन देशों के इस दौरे के अगले चरणों के तहत ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे।