प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दी गई दलीलों का जिक्र करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस अवैध घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालत जाती है।
हालांकि, प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन इशारा साफ था। एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में SIR का विरोध किया था और आरोप लगाया था कि चुनाव से पहले केंद्र सरकार उनके राज्य को निशाना बना रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार को “क्रूर सरकार” बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार सिर्फ सत्ता की परवाह करती है, लोगों की नहीं।
उन्होंने कहा, “एक क्रूर सरकार पतन के हर पैमाने पर नए रिकॉर्ड बना रही है, लेकिन यहां हमें उपदेश दे रही है। वहां के लोगों का भविष्य अंधेरे में जा रहा है, लेकिन सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है। उनकी एकमात्र महत्वाकांक्षा सत्ता में बने रहना है।”
प्रधानमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि ऐसे नेताओं को देश कैसे स्वीकार कर सकता है।
उन्होंने कहा, “दुनिया के सबसे समृद्ध देश भी अवैध प्रवासियों को बाहर निकाल रहे हैं। लेकिन हमारे देश में कुछ लोग जानबूझकर और संगठित तरीके से घुसपैठियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। देश का युवा ऐसे नेताओं को कैसे स्वीकार करेगा, जो अवैध प्रवासियों के पक्ष में खुलकर खड़े हैं?”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अवैध घुसपैठिए देश के युवाओं के हक छीन रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, “घुसपैठिए युवाओं की नौकरियां और रोजगार छीन रहे हैं, आदिवासियों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और हमारे बेटों-बेटियों की सुरक्षा व भविष्य के लिए खतरा बन रहे हैं।”
घुसपैठ का मुद्दा आने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी का एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। बीजेपी SIR प्रक्रिया का समर्थन कर रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस इसका कड़ा विरोध कर रही है। तृणमूल का आरोप है कि इस जल्दबाजी वाली प्रक्रिया में कई असली नागरिक छूट गए हैं।
ममता बनर्जी ने यही दलील सुप्रीम कोर्ट में भी रखी थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे उन्हें कुछ राजनीतिक लाभ जरूर मिला है, लेकिन गंभीर आरोपों के बीच लड़ाई आसान नहीं है।
प्रधानमंत्री मोदी ने तृणमूल कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए।
उन्होंने कहा, “चाहे कांग्रेस हो, टीएमसी हो, डीएमके हो या वाम दल- ये सभी दशकों तक केंद्र और राज्यों में सत्ता में रहे हैं। उन्होंने सिर्फ अपनी जेब भरने का काम किया, आम लोगों की ज़िंदगी बदलना कभी उनकी प्राथमिकता नहीं रही।”
प्रधानमंत्री ने ये सभी बातें राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के जवाब के दौरान गुरुवार को राज्यसभा में कहीं।