पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात, होर्मुज की 'आजादी' के साथ इन मुद्दों पर दिया जोर

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ईरान ने भारत को बुलावा भेजा है। इस कार्यक्रम में भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा हिस्सा लेंगे। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, सार्वजनिक समारोह 4 जुलाई को स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड प्रेयर ग्राउंड्स में शुरू होगा

अपडेटेड Jun 30, 2026 पर 10:51 PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बातचीत की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए संघर्ष के बाद पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने प्रधानमंत्री मोदी को क्षेत्र के ताजा हालात और आगे की संभावित स्थिति की जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल में बनी सहमति का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने दोहराया कि भारत का हमेशा से यही मानना रहा है कि सभी विवादों और लंबित मुद्दों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए ही होना चाहिए।

इन मुद्दों पर हुई बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। इसका असर भारत समेत कई देशों के व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ता है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम एशिया में हाल ही में तनाव बढ़ा था। इसके बावजूद भारत, ईरान के साथ अपने मजबूत कूटनीतिक संबंध बनाए हुए है और दोनों देश उच्च स्तर पर लगातार संपर्क में हैं। साथ ही, विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।


ईरान ने भेजा बुलावा 

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए ईरान ने भारत को बुलावा भेजा है। इस कार्यक्रम में भारत की ओर से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा हिस्सा लेंगे। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, सार्वजनिक समारोह 4 जुलाई को स्थानीय समयानुसार सुबह 6 बजे तेहरान के इमाम खुमैनी ग्रैंड प्रेयर ग्राउंड्स में शुरू होगा। इसी समय से आम लोगों के लिए भी कार्यक्रम स्थल खोल दिया जाएगा, ताकि वे श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।

मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत- ईरान के मजबूत रिश्ते

ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच संघर्ष के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया था। इसके बावजूद भारत ने ईरान के साथ अपने कूटनीतिक संबंध लगातार मजबूत बनाए रखे। इसके लिए दोनों देशों के बीच उच्च स्तर पर राजनीतिक, रणनीतिक और मानवीय स्तर पर लगातार बातचीत होती रही। प्रधानमंत्री स्तर की बातचीत से लेकर मंत्रियों की मुलाकातों और ब्रिक्स (BRICS) जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों तक, भारत ने ईरान के साथ संवाद जारी रखा और सभी स्तरों पर संपर्क बनाए रखा। संघर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान से दो बार फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया।

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