Get App

PM Modi CCS Meeting: मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच पीएम मोदी ने बुलाई CCS की बैठक, इस बात पर रहेगा जोर

PM Modi CCS Meeting: यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत तेहरान के कई शीर्ष नेताओं की मौत की खबर सामने आई थी। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 01, 2026 पर 8:15 PM
PM Modi CCS Meeting: मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच पीएम मोदी ने बुलाई CCS की बैठक, इस बात पर रहेगा जोर
मिडिल ईस्ट एशिया में बढ़ती टेंशन के बीच भारत पूरी तरह अलर्ट नजर आ रहा है।

PM Modi CCS Meeting: मिडिल ईस्ट एशिया में बढ़ती टेंशन के बीच भारत की मोदी सरकार भी पूरी तरह अलर्ट नजर आ रही है। इलाके में चल रहे संघर्ष और मिलिट्री एक्टिविटीज ने ग्लोबल लेवल पर चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी यानी CCS की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार रात तमिलनाडु दौरे से दिल्ली लौटने के बाद मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर अहम बैठक करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक, गुजरात, राजस्थान, पुडुचेरी और तमिलनाडु के दो दिन के दौरे के बाद पीएम मोदी के रात करीब 9:30 बजे दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव काफी बढ़ गया है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत तेहरान के कई शीर्ष नेताओं की मौत की खबर सामने आई थी। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं।

मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीयों को लेकर बढ़ी चिंता

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत की सबसे बड़ी चिंता वहां मौजूद हजारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर है। खाड़ी देशों के साथ-साथ ईरान और इजरायल में भी बड़ी संख्या में भारतीय रह रहे हैं। अगर ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध और बढ़ता है, तो इन लोगों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। बताया जा रहा है कि हालात बिगड़ने की स्थिति में भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए सरकार एक बड़े प्लान पर विचार कर रही है। इसको लेकर विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर रणनीति तैयार की जा सकती है। इससे पहले भारत ऑपरेशन गंगा और ऑपरेशन अजय जैसे सफल रेस्क्यू मिशन चला चुका है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें