प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली के भारत मंडपम में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की लंबी बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि जो काम अभी तक पूरे नहीं हुए हैं, उन्हें जल्द से जल्द खत्म किया जाए। सीएनएन-न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैठक शाम करीब 5 बजे शुरू हुई और लगभग साढ़े चार घंटे तक चली।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संघर्ष की वजह से दुनिया की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी कारण इन चर्चाओं को काफी अहम माना जा रहा है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है, जिससे भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत तेल विदेशों से खरीदता है। तेल महंगा होने का असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों, ट्रांसपोर्ट खर्च और रोजमर्रा की कई चीजों पर पड़ सकता है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में सामान और सेवाएं महंगी होने की आशंका है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से ईंधन, सोना और विदेश यात्रा पर गैर-जरूरी खर्च कम करने की अपील की थी।
बीजेपी सरकार के 12 होंगे पूरे
यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब प्रधानमंत्री मोदी सरकार 9 जून को अपने 12 वर्ष पूरे कर लेगी। बता दें कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा पूरी कर गुरुवार को दिल्ली लौटे। इसके बाद पीएम मोदी ने आज केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ अहम समीक्षा बैठक की है। रिपोर्ट्स की मानें तो मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रालयों, सरकारी योजनाओं और पश्चिम एशिया संकट की समीक्षा की। पीएम मोदी की मंत्रिमंडल के साथ यह बैठक सेवा तीर्थ में हुई थी।