प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ब्रह्मपुत्र नदी पर बने बड़े पुल प्रोजेक्ट कुमार भास्कर वर्मा सेतु (Kumar Bhaskar Varma Setu) का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास परियोजना बताया। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम स्थल से तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि यह पुल असम में आवागमन को आसान बनाएगा। इससे लोगों को सफर में सुविधा मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रोजेक्ट से श्रद्धालुओं के लिए गुवाहाटी स्थित पवित्र कामाख्या देवी मंदिर (Kamakhya Temple) तक पहुंचना और आसान हो जाएगा।
इस पुल की खासियत यह है कि यह 1.24 किलोमीटर लंबा है और 8.4 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का हिस्सा है। इसकी लागत लगभग 3,300 करोड़ रुपये है और यह असम के सबसे बड़े शहर गुवाहाटी में बढ़ते गाड़ियों के ट्रैफिक को संभालने के लिए बनाया गया है।
कुमार भास्कर वर्मा ब्रिज क्या है?
कुमार भास्कर वर्मा सेतु ब्रह्मपुत्र नदी पर बना एक महत्वपूर्ण पुल है। इसका उद्देश्य असम के सबसे बड़े शहर गुवाहाटी में ट्रैफिक का दबाव कम करना और आने-जाने की सुविधा को बेहतर बनाना है। ब्रह्मपुत्र भारत की सबसे बड़ी नदियों में से एक है, इसलिए इस पर बना यह पुल कनेक्टिविटी के लिहाज़ से काफी अहम माना जा रहा है। यह पुल पुराने कामरूप के राजा कुमार भास्कर वर्मन के नाम पर रखा गया है। इसे ब्रह्मपुत्र पर एक अतिरिक्त क्रॉसिंग के रूप में बनाया गया है, ताकि मौजूदा Saraighat Bridge जैसे पुलों पर बढ़ते ट्रैफिक का बोझ कम किया जा सके।
इस नए पुल के शुरू होने से उम्मीद है कि शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या घटेगी। साथ ही उत्तर और दक्षिण गुवाहाटी के बीच यात्रा आसान और तेज होगी, और आसपास के जिलों से संपर्क भी बेहतर होगा।
इस पुल के बनने से ब्रह्मपुत्र नदी पार करने में पहले से कम समय लगेगा। इससे पुराने पुलों पर पड़ने वाला ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा, जहां अक्सर लंबा जाम लगा रहता है। लोगों की रोज़ाना की यात्रा अब ज्यादा आसान और तेज हो सकेगी।
अच्छी सड़क कनेक्टिविटी से इस क्षेत्र में व्यापार और माल ढुलाई को फायदा मिलेगा। सामान और सेवाओं की आवाजाही तेज और सुगम होगी, जिससे असम और पूरे नॉर्थईस्ट क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
धार्मिक पर्यटन और शहरी विकास को बढ़ावा
गुवाहाटी का प्रसिद्ध कामाख्या देवी मंदिर देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक है। बेहतर सड़क और पुल कनेक्टिविटी से हर साल यहां आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को यात्रा में सुविधा मिलेगी। इससे मंदिर तक पहुंचना आसान और तेज हो जाएगा। नए नदी पार मार्ग से ब्रह्मपुत्र के दोनों किनारों पर रहने और व्यापारिक इलाकों के विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे शहर में नए रेजिडेंशियल और कमर्शियल हब विकसित हो सकते हैं।
यह परियोजना नॉर्थईस्ट क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य आर्थिक जुड़ाव बढ़ाना और क्षेत्रीय विकास को गति देना है। अधिकारियों के अनुसार, यह पुल गुवाहाटी के भविष्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और लोगों की रोज़ाना यात्रा की परेशानियों को कम करेगा।