प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज से फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और वेनेजुएला के बीच रिश्तों को और मज़बूत करने पर चर्चा की। यह बातचीत 3 जनवरी के बाद पहली बार हुई है। उसी दिन एक अमेरिकी सैन्य अभियान में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत की जानकारी X पर एक पोस्ट के ज़रिए दी। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने हर क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। साथ ही, आने वाले वर्षों में भारत-वेनेजुएला संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का साझा लक्ष्य भी तय किया गया है।
राजनीतिक उथल-पुथल के बाद बनी राष्ट्रपति
डेल्सी रोड्रिग्ज ने राजनीतिक उथल-पुथल के बाद 5 जनवरी को वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में औपचारिक शपथ ली। 56 साल की डेल्सी रोड्रिग्ज पेशे से एक श्रम कानून की वकील हैं। उनके निजी क्षेत्र से अच्छे संबंध रहे हैं और वे लंबे समय से देश के सत्ताधारी तंत्र से जुड़ी हुई हैं। उन्हें पद की शपथ उनके भाई जॉर्ज रोड्रिग्ज ने दिलाई, जो वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के प्रमुख हैं।
अमेरिका से जारी ट्रैरिफ वॉर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के बीच हुई बातचीत को और भी अहम माना जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के बड़े कच्चे तेल भंडार में फिर से रुचि दिखाई है। साथ ही उन्होंने उन देशों पर ज्यादा टैक्स (टैरिफ) लगाने की चेतावनी भी दी है, जो अमेरिका के साथ व्यापार समझौता नहीं करते। इस सूची में भारत भी शामिल है। अमेरिका पहले ही भारत पर कड़ा रुख अपना चुका है। रूस से लगातार कच्चा तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने भारतीय समानों पर कुल 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा दिया है।
इसी बीच, व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि एक नए अमेरिका-नियंत्रित ढांचे के तहत भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने की अनुमति दी जा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो उन ऊर्जा व्यापार रास्तों को फिर से शुरू किया जा सकता है, जो पिछले कुछ सालों से अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण बंद पड़े थे।