मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की और उन्हें ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में चल रही स्थिति पर चर्चा की। पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि, भारत निर्दोष लोगों की मौत और नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाली घटनाओं के खिलाफ है। दोनों नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया और क्षेत्र में जल्द शांति, सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने के लिए मिलकर काम करने की बात कही।
बता दें कि इससे पहले पीएम मोदी ने 1 मार्च को यूएई के राष्ट्रपति सो बात की थी। इस बातचीत में भी पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की थी।
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने बताया है कि, सरकार होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान समेत कई देशों के साथ लगातार संपर्क में है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की मदद कर रहा है और उनकी जानकारी साझा कर रहा है। उन्होंने बताया कि भारत के दूतावास और मिशन 24 घंटे सक्रिय हैं, हेल्पलाइन चला रहे हैं और भारतीय समुदाय के लोगों के साथ लगातार संपर्क में बने हुए हैं, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यूएई से भारत आने-जाने वाली उड़ानों को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि यूएई के नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने कुछ समय के लिए हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद किया था, जिसे कुछ घंटों बाद फिर से खोल दिया गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और संचालन संबंधी कारणों को ध्यान में रखते हुए सीमित संख्या में उड़ानें जारी हैं। 16 मार्च को यूएई से भारत के लिए करीब 55 उड़ानें संचालित हुई थीं, जबकि आज अलग-अलग एयरपोर्ट से भारत के विभिन्न शहरों के लिए लगभग 70 उड़ानें चलने की उम्मीद है।