केदारनाथ से लौटते समय ट्रेन से अचानक लापता हुई थी प्रज्ञा सिंह, 6 दिन बाद यहां मिला लोकेशन

प्रज्ञा सिंह 5 मई की रात अपने पति मनीष के साथ देहरादून से गाजियाबाद जाने के लिए नंदा देवी एक्सप्रेस में सफर कर रही थीं। मनीष ने बताया कि हरिद्वार पार करने तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, जिसके बाद वे सो गए। मनीष के अनुसार, जब ट्रेन मुजफ्फरनगर स्टेशन के पास पहुंची, तब उनकी आंख खुली और उन्होंने देखा कि प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं थीं

अपडेटेड May 11, 2026 पर 12:55 PM
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केदारनाथ यात्रा से लौटते समय नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुईं 29 वर्षीय प्रज्ञा सिंह को लेकर बड़ी खबर सामने आई है

केदारनाथ यात्रा से लौटते समय नंदा देवी एक्सप्रेस ट्रेन से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हुईं 29 वर्षीय प्रज्ञा सिंह आखिरकार बिहार के बेगूसराय में सुरक्षित मिल गई हैं। करीब छह दिन तक उत्तराखंड पुलिस, रेलवे पुलिस और कई एजेंसियों के लिए पहेली बने इस मामले में अब बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रज्ञा सिंह आखिरकार सुरक्षित मिल गई हैं। पुलिस ने उन्हें बिहार के बेगूसराय जिले से बरामद किया है। इस मामले को बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि पिछले करीब छह दिनों से उत्तराखंड पुलिस, रेलवे पुलिस और दूसरी एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी थीं।

पुलिस ने प्रज्ञा सिंह के सुरक्षित मिलने की जानकारी उनके परिवार को दे दी है। हालांकि, अब भी यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि वह ट्रेन से आखिर कैसे गायब हुईं और किन परिस्थितियों में बिहार पहुंचीं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि प्रज्ञा सिंह का बयान दर्ज होने के बाद पूरे मामले की सच्चाई और घटनाक्रम की जानकारी सामने आ सकेगी।

ट्रेन से अचानक लापता हो गई थी प्रज्ञा


रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रज्ञा सिंह 5 मई की रात अपने पति मनीष के साथ देहरादून से गाजियाबाद जाने के लिए नंदा देवी एक्सप्रेस में सफर कर रही थीं। मनीष ने बताया कि हरिद्वार पार करने तक दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई, जिसके बाद वे सो गए। मनीष के अनुसार, जब ट्रेन मुजफ्फरनगर स्टेशन के पास पहुंची, तब उनकी आंख खुली और उन्होंने देखा कि प्रज्ञा अपनी सीट पर नहीं थीं। पहले उन्हें लगा कि वह वॉशरूम गई होंगी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आने पर उन्होंने पूरी ट्रेन में उनकी तलाश शुरू कर दी।

मनीष ने ट्रेन के दोनों वॉशरूम और आसपास के डिब्बों में प्रज्ञा सिंह की तलाश की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। उनका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। ट्रेन जब स्टेशन पर रुकी, तब भी खोजबीन की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद रेलवे पुलिस को मामले की सूचना दी गई। बाद में यह मामला रुड़की पुलिस स्टेशन को सौंपा गया, जहां प्रज्ञा सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई।

पुलिस ने चलाया था सर्च ऑपरेशन

जांच के दौरान सबसे बड़ी परेशानी यह रही कि रुड़की और मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध नहीं थी। मनीष का आरोप है कि दोनों स्टेशनों पर लगे कैमरे काम नहीं कर रहे थे। इसकी वजह से जांच अधिकारियों को यह पता लगाने में मुश्किल हुई कि प्रज्ञा सिंह ट्रेन से उतरी थीं या नहीं।किसी हादसे या साजिश की आशंका को देखते हुए पुलिस ने रेलवे ट्रैक और आसपास के कई किलोमीटर इलाके में सर्च अभियान चलाया, लेकिन उन्हें कोई सुराग नहीं मिला। जांच के दौरान पुलिस ने प्रज्ञा सिंह के कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और व्हाट्सऐप चैट भी खंगाले, लेकिन कोई संदिग्ध जानकारी सामने नहीं आई। इस मामले की जांच में उत्तराखंड पुलिस, रेलवे पुलिस और दूसरी एजेंसियों की कई टीमें लगी हुई थीं। करीब छह दिन बाद पुलिस को सूचना मिली कि प्रज्ञा सिंह बिहार के बेगूसराय में हैं। इसके बाद पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया।

पति ने दी ये जानकरी

मनीष ने बताया कि पुलिस ने परिवार को इसकी जानकारी दे दी है और उम्मीद है कि प्रज्ञा सिंह को जल्द ही लक्सर लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई तब सामने आएगी, जब प्रज्ञा का बयान दर्ज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस प्रज्ञा सिंह से पूछताछ कर रही है। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि वह अपनी मर्जी से गई थीं, किसी दबाव में थीं या फिर इस घटना के पीछे कोई दूसरा कारण था। वहीं, तलाशी अभियान के दौरान रुड़की में रुके परिवार ने प्रज्ञा के सुरक्षित मिलने की खबर के बाद राहत की सांस ली है।

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