प्रशांत किशोर ने BJP के 30 साल पुराने किले में लगाई सेंध, जीत को PM मोदी के लिए बताया “वेक-अप कॉल”
Prashant Kishor Bihar Bypoll Result: सोमवार को बिहार उपचुनावों में बीजेपी के गढ़ बांकीपुर में चौंकाने वाली जीत हासिल करने के बाद, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस नतीजे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए “वेक-अप कॉल” बताया है।
BJP के गढ़ बांकीपुर में जीत के बाद प्रशांत किशोर ने पीएम मोदी को दिया संदेश
Prashant Kishor Bihar Bypoll Result: सोमवार को बिहार उपचुनावों में बीजेपी के गढ़ बांकीपुर में चौंकाने वाली जीत हासिल करने के बाद, जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस नतीजे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए “वेक-अप कॉल” बताया है। उन्होंने कहा कि बिहार को ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और लोगों के पलायन को रोकने पर ध्यान दे।
किशोर ने कहा, "यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए एक वेक-अप कॉल है। बिहार को ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है जो शिक्षा में सुधार कर सके, रोजगार पैदा कर सके और पलायन को रोक सके। हमारा मकसद ठेके पाने के लिए विधायक बनना नहीं, बल्कि बिहार का विकास सुनिश्चित करना है।"
किशोर ने किसी भी गठबंधन की संभावना को खारिज किया
स्थापित राजनीतिक दलों के साथ हाथ मिलाने की किसी भी संभावना को खारिज करते हुए, किशोर ने कहा कि जन सुराज बिहार की राजनीति में अपनी स्वतंत्र राह पर चलता रहेगा और उसका एकमात्र गठबंधन राज्य की जनता के साथ होगा।
उन्होंने कहा, "हमारा कोई गठबंधन नहीं होगा। हमारा गठबंधन बिहार की जनता के साथ होगा। आप देख सकते हैं कि बांकीपुर की जनता ने स्थापित दलों को छोड़कर हमें वोट दिया है।" उन्होंने यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी अकेले चुनाव लड़ने के अपने रुख पर पुनर्विचार करेगी।
बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार को हराने वाले जन सुराज प्रमुख ने कहा कि उनकी जीत न केवल उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं की वजह से, बल्कि बीजेपी, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नाराज समर्थकों की वजह से भी संभव हो पाई।
किशोर ने कहा, "मैं अपने सक्रिय समर्थकों के साथ-साथ उन लोगों का भी धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने जन सुराज से न जुड़े होने के बावजूद उपचुनाव में मेरा समर्थन किया। मुझे बीजेपी, कांग्रेस और RJD के उन लोगों से भी समर्थन मिला जो अपनी पार्टी के कामकाज के तरीकों से नाखुश थे।"
क्या Gen Z का असर दिखा?
चुनाव रणनीतिकार, जिनकी नई पार्टी पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी, ने यह भी कहा कि "Gen Z के विरोध-प्रदर्शनों से बने माहौल" का उपचुनाव के नतीजों पर असर पड़ सकता है, हालांकि उन्होंने माना कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि युवा वोटरों ने बड़ी संख्या में वोट दिया।
किशोर ने कहा, “ऐसा दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं है कि बांकीपुर में युवा मतदाताओं ने बड़ी संख्या में मतदान किया। यह दुखद है, लेकिन यही सच्चाई है।” उन्होंने यह बात मतदान के दिन 35% से भी कम वोटिंग होने के संदर्भ में कही।
चुनाव में पहली बार उतरे किशोर ने इस नतीजे को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ फैसला बताया और आरोप लगाया कि पढ़े-लिखे वोटरों ने उनके नेतृत्व को नकार दिया है।
‘सम्राट चौधरी के खिलाफ जनादेश’
IPAC के फाउंडर, जिन्होंने 'जन सुराज' शुरू करने के लिए 2021 में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी छोड़ दी थी, ने कहा कि यह जनादेश "असल में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ था। उनके खिलाफ मेरी कोई निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन बिहार के पढ़े-लिखे लोग उन्हें पसंद नहीं करते क्योंकि उनका आपराधिक बैकग्राउंड रहा है और उनमें जरूरी योग्यता की कमी है।"
उन्होंने आगे कहा कि अगर चौधरी को राज्य का नेतृत्व करने के लिए इसलिए चुना गया था क्योंकि वे राजनीतिक रूप से प्रभावशाली कुशवाहा समुदाय से आते हैं, तो BJP उनकी जगह उसी जाति के किसी ऐसे नेता को ला सकती थी जिसका "बैकग्राउंड साफ-सुथरा" हो।
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव को बिहार की बीजेपी नेतृत्व वाली सरकार के लिए “जनमत संग्रह” बताया था। यह सीट तब खाली हुई थी, जब पांच बार विधायक रहे नितिन नबीन ने राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद विधायक पद छोड़ दिया था।
बता दें कि इस जीत के साथ, जन सुराज ने पहली बार बिहार विधानसभा में कदम रखा है और विरोधियों के उन आरोपों को गलत साबित किया है जिनमें कहा गया था कि यह सिर्फ बीजेपी की "बी-टीम" है। किशोर ने कहा कि इस नतीजे से राज्य के उन नेताओं को भी एक बड़ा राजनीतिक संदेश मिला है जो आगे बढ़ना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "मेरे दरवाजे सिर्फ बांकीपुर के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि बिहार के हर उस व्यक्ति के लिए खुले हैं, जो मानता है कि प्रशांत किशोर या जन सुराज उसकी मदद कर सकते हैं। आज हमारी आवाज भले ही एक विधायक की है, लेकिन इससे पहले भी हम बिहार के उन लोगों की समस्याएं उठाते रहे हैं, जो मौजूदा व्यवस्था से परेशान हैं। आगे भी हम और मजबूती के साथ ऐसा करते रहेंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "आज की जीत उन सभी युवाओं के लिए एक बड़ा संदेश है, जो राजनीति में कदम रखना चाहते हैं। जो लोग मानते हैं कि बिहार में जाति की बेड़ियों को तोड़ा नहीं जा सकता या यहां की राजनीति दो प्रमुख धाराओं से ऊपर नहीं उठ सकती, उनके लिए बांकीपुर का यह नतीजा एक बड़ा सबक और आंखें खोलने वाला साबित होगा।"
वहीं, उपचुनाव के नतीजे पर प्रतिक्रिया देते हुए, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'X' पर एक पोस्ट में किशोर को बधाई दी और इस उपचुनाव को "लोकतंत्र का महापर्व" बताया।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव
सोमवार को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव ने हाल के वर्षों में बिहार में सबसे बड़े राजनीतिक उलटफेरों में से एक को जन्म दिया। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पार्टी के पारंपरिक गढ़ में भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार को 19,000 से अधिक वोटों से हराया।
बता दें कि यह सीट 1995 से भाजपा के पास थी और पांच बार के विधायक नितिन नबीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद राज्यसभा के लिए चुने जाने पर यह सीट खाली हो गई थी।
वहीं, इस जीत ने जन सुराज को बिहार विधानसभा में अपनी पहली सीट दिलाई, जिससे किशोर की चुनावी शुरुआत सफल रही और इस निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा का तीन दशक का दबदबा खत्म हो गया।