President Murmu-Mamata Row: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (8 मार्च) को कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार (TMC) ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से एक दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का घोर अपमान किया। PM मोदी ने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में TMC सरकार ने न केवल एक महिला राष्ट्रपति का अपमान किया, बल्कि देश और संविधान का भी अपमान किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान को लेकर देश और 'नारी शक्ति' तृणमूल कांग्रेस को माफ नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि तृणमूल ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू और आदिवासी समुदाय के एक पवित्र एवं महत्वपूर्ण कार्यक्रम का बहिष्कार किया।
पीएम मोदी ने कहा, "द्रौपदी मुर्मू संथाल के एक बड़े उत्सव में शामिल होने के लिए बंगाल गई थीं लेकिन राष्ट्रपति को सम्मान देने के बजाय, TMC ने इस पवित्र और महत्वपूर्ण कार्यक्रम का बहिष्कार किया। वे खुद आदिवासी समाज से आती हैं। वे आदिवासी समाज के विकास के बारे में चिंतित रही हैं।"
पीएम मोदी ने आगे कहा, "TMC सरकार ने उस कार्यक्रम को बदइंतजामी के हवाले कर दिया। यह न केवल राष्ट्रपति का अपमान है बल्कि भारत के संविधान का भी अपमान है। यह संविधान की भावना का अपमान है। यह लोकतंत्र की महान परंपरा का भी अपमान है।"
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जनता को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा, "मैं इस मंच से घोषणा कर रहा हूं कि बहुत जल्द लोग TMC सरकार को बदल देंगे। हमें अपनी विरासत पर गर्व होना चाहिए।"
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के कार्यक्रम में हुई लापरवाहियों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति को हमेशा वह सम्मान मिलना चाहिए, जिसका वह हकदार है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे के दौरान उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाया। पीएम मोदी ने कहा कि यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने वास्तव में सभी सीमाएं लांघ दी हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे में प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन को लेकर विवाद के बीच केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से रविवार शाम पांच बजे तक प्रोटोकॉल, स्थल और रूट व्यवस्था से संबंधित उल्लंघनों पर जवाब देने को कहा है। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर 'ब्लू बुक' के नियमों के उल्लंघन के बारे में जवाब देने के लिए कहा है। 'ब्लू बुक' एक गोपनीय दस्तावेज है जिसमें राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं उनके परिवारों की सुरक्षा और प्रोटोकॉल के नियमों की लिस्ट है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने शनिवार को बागडोगरा एयरपोर्ट के पास आदिवासी समुदाय के एक कार्यक्रम में कम लोगों की उपस्थिति पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने बिधाननगर की जगह इस स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने के फैसले को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने इस बात का भी जिक्र किया कि उनके दौरे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्री उपस्थित नहीं थे।
उच्च पदस्थ सूत्रों ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में राष्ट्रपति के राज्य में आगमन के समय मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की अनुपस्थिति पर प्रतिक्रिया मांगी गई है। इसमें कहा गया है कि यह 'ब्लू बुक' के नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि केवल सिलीगुड़ी के महापौर राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए मौजूद थे, जो प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी की कमी थी। इसके लिए राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया है। राज्य से यह भी पूछा गया है कि राष्ट्रपति को लाने के लिए चुने गए रूट पर गंदगी क्यों थी।