पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपी चेतन चौधरी का करीब 10 घंटे तक इंटरनेट बंद रखना पुलिस जांच का अहम हिस्सा बन गया है। पुलिस का मानना है कि 18 जून को चेतन ने जानबूझकर लगभग 640 मिनट तक अपना मोबाइल इंटरनेट बंद रखा, ताकि उसकी गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड सामने न आए। हालांकि, जांच अधिकारियों का कहना है कि इसी असामान्य हरकत से उन्हें पूरे घटनाक्रम की कड़ी जोड़ने में मदद मिली।
जांच के अनुसार, चेतन ने सुबह करीब 7 बजे अपना मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया था। पुलिस का कहना है कि उसने अपनी लोकेशन और ऑनलाइन गतिविधियों को छिपाने की कोशिश की। रिपोर्ट के मुताबिक, दिन में लोहगढ़ किले की ओर जाते समय उसने बातचीत करने के लिए बीच-बीच में अपने एक कर्मचारी का मोबाइल फोन भी इस्तेमाल किया।
पहचान छिपाने के लिए पहनी मोटी हुडी
पुलिस के अनुसार, आरोपी चेतन चौधरी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए भीषण गर्मी के बावजूद मोटी हुडी पहन रखी थी। पुलिस का दावा है कि उस समय तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था, फिर भी वह ट्रेकिंग रास्ते पर केतन अग्रवाल और उनकी मंगेतर सिया गोयल का पीछा कर रहा था। जांच अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर करीब 2:30 बजे सिया गोयल ने पहले से तय योजना के तहत विंचू काटा रिज के पास एक सुनसान जगह पर बैठकर इशारा किया। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद चेतन चौधरी अपनी छिपी हुई जगह से बाहर आया और उसने केतन अग्रवाल को पहाड़ी से नीचे धक्का दे दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
चेतन की 'ऑफलाइन' चाल नहीं आई काम
पुलिस जांच के मुताबिक, कई घंटे तक इंटरनेट बंद रखने के बाद आरोपी चेतन चौधरी ने शाम करीब 5:40 बजे दोबारा अपना मोबाइल इंटरनेट चालू किया। जांच अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल जांच के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी में आया यह अचानक बदलाव उनके लिए एक अहम सुराग बना। इससे पूरे घटनाक्रम की समय-सीमा समझने में काफी मदद मिली।
मामले की जांच के तहत रविवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल की मौजूदगी में लोहगढ़ किले पर घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया और पूरी घटना को दोहराकर देखा। पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के आने-जाने का रास्ता, घटनास्थल पर उनकी स्थिति, कथित तौर पर की गई हरकतों और पूरी घटना के क्रम को फिर से तैयार कर उसकी जांच की।