Pune-Mumbai Expressway: देश की सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे मिसिंग लिंक पर मानसून की शुरुआती बारिश ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब ₹6,695 करोड़ की लागत से तैयार इस परियोजना का उद्घाटन 1 मई को हुआ था, लेकिन महज दो महीने बाद ही सड़क पर गड्ढेनुमा पैच दिखाई देने लगे। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने तत्काल मरम्मत के आदेश जारी कर दिए हैं।
मानसून की शुरुआती बारिश के बाद पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे के 13.3 किलोमीटर लंबे मिसिंग लिंक पर कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी सतह उखड़ने जैसी स्थिति सामने आई है। वीडियो सामने आने के बाद यात्रियों ने नई सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। MSRDC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ठेकेदार को हर दो घंटे में सड़क का निरीक्षण करने और जहां भी कोई खराबी मिले, उसे तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्माण एजेंसी को चेतावनी भी जारी की गई है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह कहना सही नहीं होगा कि पूरे मिसिंग लिंक पर गड्ढे बन गए हैं। हालांकि, सोशल मीडिया पर सामने आए मामलों की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी।
MSRDC के अधिकारियों के मुताबिक, कुछ जगहों पर बिटुमिन की ऊपरी परत और नीचे की कंक्रीट परत के बीच पर्याप्त बॉन्डिंग नहीं होने के कारण यह समस्या आई है। प्रभावित हिस्सों पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है।
MSRDC के संयुक्त प्रबंध निदेशक राजेश पाटिल ने बताया कि बारिश और भारी ट्रैफिक के कारण पानी रिसने से बिटुमिन की परत कमजोर हो जाती है, जिससे सड़क तेजी से खराब होने लगती है। निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी खराबी को तुरंत ठीक किया जा सके।
सड़क का उपयोग करने वाले यात्रियों का कहना है कि जब एक नई और करोड़ों रुपये की परियोजना पहली ही बारिश में प्रभावित हो रही है, तो मानसून के चरम पर इसकी स्थिति क्या होगी। लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यह समस्या केवल कुछ स्थानों तक सीमित है और इसे डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड के तहत ठेकेदार अपने खर्च पर ठीक करेगा।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराना हाईवे पूरी तरह बंद
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और मुंबई-पुणे पुराना हाईवे भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के बाद सोमवार को बंद कर दिया गया। प्राधिकारियों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए नागरिकों से अगले आदेश तक पुणे और मुंबई के बीच यात्रा से बचने की अपील की है। पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और पुराने हाईवे पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही अगले आदेश तक रोक दी गई है।
एडवाइजरी में कहा गया, "लोगों से अनुरोध है कि अगले निर्देश तक पुणे और मुंबई के बीच यात्रा करने से बचें। जो लोग यात्रा की योजना बना रहे हैं। उन्हें अपनी यात्रा स्थगित करने और सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जाती है।" पुलिस ने बताया कि मावल और ताम्हिणी घाट के कुछ हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे पुणे और मुंबई को जोड़ने वाले वैकल्पिक रूट भी प्रभावित हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे को एक कंक्रीट का खंभा गिर जाने के बाद 'कनेक्टिंग लिंक' और 'मिसिंग लिंक' खंडों के बीच ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर पानी भर जाने के कारण मुंबई-पुणे पुराने हाईवे को बंद कर दिया गया है। पुलिस ने बताया कि लोहगढ़ किले के पास पाटन गांव में भूस्खलन हुआ है, जहां प्रभावित इलाके में एक परिवार के फंसे होने की सूचना है।
एक अधिकारी ने बताया कि बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा, भारी बारिश को देखते हुए पुणे जिला प्रशासन ने सभी स्कूलों के लिए अवकाश की घोषणा की है। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के दौरान सोमवार तड़के खोपोली-कुसगाव ‘मिसिंग लिंक’ की सुरंग-दो के निकास के पास भूस्खलन होने के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बाधित हो गया। दो महीने पहले शुरू किया गया मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ 13 किलोमीटर लंबा बाईपास है। इस मार्ग के बन जाने से अब यात्रा में 25 से 30 मिनट तक कम समय लगता है।
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRDC) ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर सोमवार तड़के चार बजे से रूट्स में परिवर्तन किया गया। निगम ने कहा कि वह हाईवे ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय कर स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। साथ ही वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही इस रूट्स से यात्रा करें।