भारत की बैडमिंटन सुपरस्टार पीवी सिंधु ने एक भयावह स्थिति से जूझने के बाद राहत की सांस ली है। दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फंसने और विस्फोट की घटना के बाद वह अब सुरक्षित घर लौट आई हैं। सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए सिंधु ने अधिकारियों, एयरपोर्ट स्टाफ और भारतीय उच्चायोग का धन्यवाद दिया, जिनकी मेहनत से वे और उनका पूरा खेमा बच गया।
सिंधु ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए बर्मिंघम जा रही थीं। 28 फरवरी को दुबई में उनका विमान लैंड हुआ, लेकिन अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से गल्फ क्षेत्र में हवाई क्षेत्र बंद हो गया। इसके चलते फ्लाइट्स रद्द हो गईं और हजारों यात्री फंसे रहे। सिंधु ने बताया, "हमारी उड़ान के बाद सब कुछ बदल गया। आसमान में मिसाइलों की आवाजें गूंजने लगीं।" कुछ घंटों बाद एयरपोर्ट के पास जोरदार विस्फोट हुआ। उनका इंडोनेशियाई कोच इर्वानसयाह मात्र 100 मीटर दूर था, धुआं-मलबा फैलते देख भागना पड़ा। "यह बेहद भयानक पल था, दिल की धड़कनें रुक सी गईं," सिंधु ने लिखा।
एयरपोर्ट स्टाफ ने तुरंत उन्हें सुरक्षित जगह शिफ्ट किया। दुबई अधिकारियों और भारतीय उच्चायोग ने प्राथमिकता दी। सिंधु ने कहा, "हम थकान के बीच आशा थामे रहे। सभी की एकजुटता ने हिम्मत दी।" कोच ने भी पुष्टि की कि वे होटल में ठीक हैं, बस टूर्नामेंट का इंतजार था। लेकिन स्थिति बिगड़ी तो सिंधु को ऑल इंग्लैंड से बाहर होना पड़ा। ईरान की जवाबी कार्रवाई ने UAE तक प्रभाव डाला, जिससे Emirates और Air India फ्लाइट्स रुकीं।
घर लौटकर सिंधु ने फैंस का शुक्रिया अदा किया। "संदेशों ने हौसला दिया। जिंदगी कितनी नाजुक है, यह एहसास हुआ। प्रभावित परिवारों के लिए प्रार्थना।" दो ओलंपिक मेडलिस्ट के इस साहस की दास्तान लाखों को प्रेरित कर रही। बैडमिंटन कोर्ट पर वापसी का वादा करते हुए वे नई तैयारी में जुटेंगी। यह घटना युद्धग्रस्त क्षेत्रों की अनिश्चितता को घर-घर दिखाती है। सिंधु की हिम्मत और आभार मिसाल बन गया।