'Gyanesh, it’s done bro...' का नारा लगाते बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी; अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसद डिटेन

Rahul Gandhi-India Bloc EC March: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली की सड़कों पर बवाल मच गया। संसद से चुनाव आयोग दफ्तर मार्च कर रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत 'INDIA' गठबंधन के सांसदों को जब पुलिस ने रोका, तो हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। राहुल गांधी ने बैरिकेड्स पर चढ़कर तिरंगा लहराया और सोशल मीडिया पर लिखा, 'ज्ञानेश, अब बस! इस्तीफा दो।' जानिए सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद क्यों बढ़ गया विवाद

अपडेटेड Oct 06, 2026 पर 1:42 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
खड़गे की अगुआई में दर्जनों विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर विरोध मार्च निकाला

Rahul Gandhi-India Bloc EC March: देश की राजधानी में मंगलवार को विपक्षी INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुआई में दर्जनों विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर विरोध मार्च निकाला। सुरक्षा बलों ने इस मार्च को संसद मार्ग पर ही नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के बीच भारी बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी, बोले- 'ज्ञानेश, अब बहुत हुआ!'

सुरक्षा बलों द्वारा रास्ता रोके जाने पर माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। इसी दौरान राहुल गांधी प्रदर्शनकारियों के बीच लगे बैरिकेड्स पर चढ़ गए और हाथों में तिरंगा लहराते हुए सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्य चुनाव आयुक्त को संबोधित करते हुए लिखा, 'Gyanesh it's done bro. Time to resign' यानी ज्ञानेश, अब बहुत हो गया ब्रो! अब इस्तीफा देने का समय आ गया है।


इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा और केसी वेणुगोपाल आकाशवाणी भवन के गेट तक पहुंच गए, जहां से पुलिस ने राहुल और प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया।

सड़क पर ही धरने पर बैठे सांसद, कई बड़े चेहरे हिरासत में

बैरिकेडिंग के पास मार्च रुकने के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी व डेरेक ओ'ब्रायन और सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास समेत तमाम सांसद सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

सांसदों ने हाथों में तख्तियां और पोस्टर ले रखे थे, जिनमें सीईसी ज्ञानेश कुमार को संघ (RSS) की गणवेश में दिखाया गया था। सांसदों ने 'भाजपा है CEC है', 'वोट चोर, गद्दी छोड़' और 'लोकतंत्र बिकाऊ नहीं है' जैसे तीखे नारे लगाए। बाद में पुलिस ने अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी समेत कई नेताओं को बसों में भरकर हिरासत में ले लिया।

पैरामिलिट्री फोर्स तैनात, संजय राउत ने उठाए सवाल

विपक्ष के मार्च को देखते हुए संसद भवन और चुनाव आयोग मुख्यालय के आसपास तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था और भारी बैरिकेडिंग की गई थी। शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने इस भारी सुरक्षा बल की तैनाती पर तीखा हमला बोला।

संजय राउत ने कहा, 'हम सांसद हैं, इस देश के जिम्मेदार नागरिक हैं। हमें रोकने के लिए इतनी बड़ी तादाद में सुरक्षा बल तैनात करने की क्या ज़रूरत थी? हम निहत्थे हैं और शांतिपूर्वक पैदल जा रहे थे।' राउत ने यह भी दावा किया कि मौके पर बीएसएफ और सीआईएसएफ के जवानों को तैनात किया गया था और केंद्रीय मंत्रियों के आवासों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी।

क्या है विवाद की वजह?

विपक्ष का यह भारी विरोध प्रदर्शन सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद सामने आया है, जो सोमवार को मतदाता नामांकन से जुड़े 'फॉर्म 6' (Form 6) को लेकर की गई थी। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया था कि उसने फॉर्म 6 के किसी भी संशोधित संस्करण को मंजूरी नहीं दी है और वह चुनाव आयोग के रिकॉर्ड की जांच करेगी कि क्या नियमों में बदलाव किए गए थे और इसकी अनुमति किसने दी थी।

इसी मुद्दे पर चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को एक बयान जारी कर कहा था कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान फॉर्म 6 के साथ जोड़े गए घोषणापत्र को सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के रुख को लेकर देश को गुमराह किया है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।