Kanshi Ram Birth Anniversary: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के संस्थापक कांशी राम की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं इस मौके पर कांग्रेस ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए पीएम मोदी से बड़ी मांग कर दी है। लोकसभा सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर बसपा के जनक कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की है।
राहुल गांधी ने की बड़ी मांग
राहुल गांधी ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा कि, मैं आशा करता हूं कि आप कुशल होंगे। आज जब हम कांशीराम जी की जयंती मना रहे हैं और उनके योगदानों को याद कर रहे हैं, तो मैं आपको यह पत्र उन्हें मरणोपरांत 'भारत रत्न' देने के अनुरोध के साथ लिख रहा हूं। राहुल ने आगे लिखा कि कांशीराम जी ने भारतीय राजनीति के स्वरूप को बदल दिया। अपने आंदोलनों के माध्यम से उन्होंने बहुजनों और गरीबों के बीच राजनीतिक जागरूकता पैदा की। उन्होंने उन्हें याद दिलाया कि उनका वोट, उनकी आवाज और उनका प्रतिनिधित्व बहुत महत्वपूर्ण है और यह देश समान रूप से सबका है।
यूपी चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा कदम
बता दें कि इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार (13 मार्च 2026) को लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के संस्थापक कांशी राम को श्रद्धांजलि दी थी। उन्होंने कांशी राम को ऐसा योद्धा बताया, जिन्होंने अपने पूरे जीवन में हाशिए पर रहे समुदायों के लिए समानता और सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ी। राहुल गांधी ने लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक ‘संविधान सम्मेलन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जो कांशी राम की जयंती से पहले आयोजित किया गया था। इस दौरान राहुल गांधी ने यह भी स्वीकार किया कि अतीत में कांग्रेस अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभाने में असफल रही, जिसकी वजह से कांशी राम जैसे नेताओं को अलग राजनीतिक रास्ता अपनाना पड़ा।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांशी राम को याद करते हुए कहा कि, आज उनके संघर्ष, विचार और भारतीय राजनीति पर पड़े उनके प्रभाव को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा कि कांशी राम ने हाशिए पर पड़े वर्गों के अधिकारों के लिए पूरी जिंदगी लड़ाई लड़ी और हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि अगर उस समय कांग्रेस ने अपनी जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से निभाई होतीं, तो कांशी राम को अलग से राजनीतिक संघर्ष करने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाया कि वह दलितों और अन्य कमजोर वर्गों के अधिकारों को कमजोर कर रही है और सत्ता को अपने हाथों में केंद्रित करने की कोशिश कर रही है।