Landslide in Uttarakhand: उत्तराखंड में बारिश का कहर, भूस्खलन से केदारनाथ-बद्रीनाथ मार्ग प्रभावित

Landslide in Uttarakhand: उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन जैसी घटनाएं हुईं, जिससे ट्रैफिक तो बाधित हुआ ही साथ ही देहरादून सहित कई जिलों में मौसम अलर्ट जारी कर दिया गया। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है।

अपडेटेड Jul 02, 2026 पर 8:39 PM
उत्तराखंड में भूस्खलन से ट्रैफिक बाधित

Landslide in Uttarakhand: उत्तराखंड के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन जैसी घटनाएं हुईं, जिससे ट्रैफिक तो बाधित हुआ ही साथ ही देहरादून सहित कई जिलों में मौसम अलर्ट जारी कर दिया गया। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी दी है। बता दें कि लगातार बारिश और पहाड़ों से गिरते मलबे के कारण कई प्रमुख सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई है, जिनमें चमोली जिले का बद्रीनाथ नेशनल हाईवे और रुद्रप्रयाग जिले का केदारनाथ यात्रा मार्ग शामिल है।

इस भूस्खलन के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा हो गए, जिससे अधिकारियों को कुछ समय के लिए आवाजाही को नियंत्रित करना पड़ा। मलबे को हटाने और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता बहाल करने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के जवानों और स्थानीय अधिकारियों को तैनात किया गया।

इसके अलावा, चमोली जिले में भी बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ, जब अस्थिर पहाड़ियों से पत्थर और मलबा गिर गया। इसके बाद सड़क साफ करने वाली टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और रास्ता खोलने का काम शुरू किया, ताकि राज्य के इस महत्वपूर्ण धार्मिक और परिवहन मार्ग पर आवागमन फिर से सुचारू हो सके।


बारिश और भूस्खलन ने जनजीवन प्रभावित

बारिश की इस नई शुरुआत ने उत्तराखंड के कई हिस्सों में जनजीवन को प्रभावित किया है। प्रशासन ने नदियों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और संवेदनशील बस्तियों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है।

मानसून से जुड़ी आपदाओं की आशंका के बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून में राज्य-स्तरीय प्री-मानसून मॉक ड्रिल का जायजा लिया और अधिकारियों को आपदा से निपटने की तैयारियों को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने आपात स्थिति से निपटने के लिए तेज प्रतिक्रिया प्रणाली, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया।

समीक्षा बैठक के दौरान धामी ने कहा, "आपदा प्रबंधन सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।" उन्होंने अधिकारियों से तैयारी, जोखिम कम करने और बचाव कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

वहीं, IMD ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रह सकती है, जिससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने और अचानक बाढ़ आने का खतरा बढ़ सकता है।

जिसको देखते हुए अधिकारियों ने केदारनाथ, बद्रीनाथ और चार धाम के अन्य तीर्थस्थलों की यात्रा करने वाले लोगों और तीर्थयात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की जानकारी और सड़कों की स्थिति के बारे में पता कर लें।

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