Yamuna Water Pact Explained: राजस्थान का हरियाणा संग खत्म हुआ 30 साल पुराना झगड़ा, यमुना का पानी कैसे और कितना मिलेगा सब जानिए

Yamuna Water Pact Explained: इस योजना के तहत राजस्थान को पश्चिमी यमुना नहर से जुड़ी भूमिगत पाइपलाइन के जरिए यमुना नदी के पानी का उसका तय हिस्सा मिलेगा। इससे वर्ष 1994 में हुए समझौते के तहत राजस्थान को आवंटित यमुना जल का बेहतर तरीके से उपयोग किया जा सकेगा

अपडेटेड Jun 29, 2026 पर 8:33 PM
राजस्थान और हरियाणा ने सोमवार को यमुना जल परियोजना को लागू करने के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए।

राजस्थान और हरियाणा ने सोमवार को यमुना जल परियोजना को लागू करने के लिए एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के साथ यमुना नदी के पानी के बंटवारे को लेकर करीब 30 साल से चला आ रहा विवाद खत्म हो गया। राजधानी दिल्ली में हुए इस समझौते पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए। सरकार का कहना है कि इस समझौते से दोनों राज्यों के बीच पानी के बंटवारे का रास्ता साफ हो गया है।

हरियाणा और राजस्थान के बीच 1994 में समझौता हुआ था। इसके तहत सरप्लस पानी राजस्थान को देने की बात हुई थी लेकिन इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका था और इस कारण राजस्थान का शेखावटी क्षेत्र पानी के संकट से जूझ रहा था।

 खत्म हुआ 30 साल पुराना झगड़ा


समझौते के अनुसार, हर साल जुलाई से अक्टूबर के बीच राजस्थान को यमुना नदी का करीब 580 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) पानी दिया जाएगा। यह पानी तीन बड़ी भूमिगत पाइपलाइनों के जरिए पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के लोगों को बेहतर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराना है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, इस समझौते में पानी के बंटवारे, परियोजना की लागत, पानी की आपूर्ति, बुनियादी ढांचे के रखरखाव, निगरानी व्यवस्था और किसी भी विवाद के समाधान के लिए स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। मंत्रालय का कहना है कि इस समझौते को इस तरह तैयार किया गया है, ताकि भविष्य में पानी के बंटवारे को लेकर किसी तरह का विवाद न हो और दोनों राज्यों को लंबे समय तक इसका लाभ मिलता रहे।

राजस्थान के इन जिलों को होगा फायदा 

इस परियोजना से राजस्थान के सीकर, चूरू और झुंझुनूं जिलों के साथ-साथ हरियाणा के भिवानी और फतेहाबाद जिले के लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह परियोजना दोनों राज्यों में पेयजल की समस्या को काफी हद तक दूर करने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि जो पानी पहले बेकार बह जाता था, अब उसे बड़े तालाबों में जमा करके भूजल स्तर बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

इस योजना के तहत राजस्थान को पश्चिमी यमुना नहर से जुड़ी भूमिगत पाइपलाइन के जरिए यमुना नदी के पानी का उसका तय हिस्सा मिलेगा। इससे वर्ष 1994 में हुए समझौते के तहत राजस्थान को आवंटित यमुना जल का बेहतर तरीके से उपयोग किया जा सकेगा।

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