Sadhvi Prem Baisa: इस वजह से हुई थी प्रेम बाईसा की मौत...पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Sadhvi Prem Baisa: परिवार के मुताबिक, इंजेक्शन लगने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं। उनके पिता तुरंत उन्हें पास के अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आश्रम में उनके कमरे को सील कर दिया। बाद में रात में शव को पोस्टमार्टम के लिए एमडीएम अस्पताल भेजा गया

अपडेटेड Feb 14, 2026 पर 8:09 PM
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जोधपुर पुलिस ने आखिरकार प्रेम बाईसा की मौत के मामले का खुलासा कर दिया है।

जोधपुर पुलिस ने आखिरकार प्रेम बाईसा की मौत के मामले का खुलासा कर दिया है। जोधपुर पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि प्रेम बाईसा की मौत अस्थमा के अटैक और उसके बाद कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई। पुलिस ने शनिवार को पुष्टि की कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत हार्ट अटैक (कार्डियक अरेस्ट) और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के कारण हुई। पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश पासवान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 18 दिनों तक जांच करने के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची है।

सामने आई पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट

पोस्टमार्टम और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की रिपोर्ट में सामने आया कि धार्मिक कथावाचक अस्थमा और फेफड़ों की अन्य समस्याओं से पीड़ित थीं। अस्थमा की वजह से उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ। पुलिस ने कहा कि सभी मेडिकल रिपोर्टों की जांच और डॉक्टरों से चर्चा के बाद मामले में किसी तरह की साजिश या संदिग्ध बात सामने नहीं आई है। 28 जनवरी को साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में हंगामा मच गया। परिवार का कहना था कि वह कुछ दिनों से बीमार थीं। इसी दौरान एक अनजान व्यक्ति ने उन्हें इंजेक्शन लेने के लिए आश्रम में बुलाया था।


परिवार ने कही थी ये बात

परिवार के मुताबिक, इंजेक्शन लगने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं। उनके पिता तुरंत उन्हें पास के अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आश्रम में उनके कमरे को सील कर दिया। बाद में रात में शव को पोस्टमार्टम के लिए एमडीएम अस्पताल भेजा गया। मामला तब और उलझ गया, जब उनकी मौत के करीब चार घंटे बाद, रात लगभग 9:30 बजे उनके सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट सामने आया, जो सुसाइड नोट जैसा लग रहा था। उस पोस्ट में “अग्नि परीक्षा”, “अलविदा” और “न्याय” जैसे शब्द लिखे गए थे, जिससे मामले में और सवाल खड़े हो गए।

पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, “मैंने अपने जीवन का हर पल सनातन धर्म के प्रचार के लिए समर्पित किया है। पूरी जिंदगी मुझे आदि जगद्गुरु शंकराचार्य, योग गुरुओं और पूज्य संतों-ऋषियों का आशीर्वाद मिला। मैंने आदि गुरु शंकराचार्य और देश के कई महान संतों को पत्र लिखकर अग्नि परीक्षा की मांग भी की, लेकिन ईश्वर की इच्छा कुछ और थी।”

आगे लिखा था, “मैं इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह रही हूं। मुझे भगवान और पूज्य संतों-ऋषियों पर पूरा विश्वास है। अगर मुझे इस जीवन में न्याय नहीं मिला, तो मृत्यु के बाद जरूर ) मिलेगा।” उनकी मौत के बाद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद (Hanuman Beniwal) ने मामले की जांच CBI से कराने की मांग की।

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