Rajya Sabha Elections 2026: राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 10 राज्यों में मतदान शुरू, नीतीश कुमार और शरद पवार पर सभी की नजर
Rajya Sabha Elections 2026: 10 राज्यों में राज्यसभा की 37 सीटों के लिए आज (16 मार्च) चुनाव हो रहा है। इन सांसदों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होने वाला है। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान सोमवार (16 मार्च) सुबह 9 बजे से शुरू हुआ, जो शाम 4 बजे तक होगा। जबकि वोटों की गिनती शाम 5 बजे शुरू होगी
Rajya Sabha Elections 2026: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन भी चुनाव मैदान में हैं
Rajya Sabha Elections 2026: राज्यसभा की 37 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव आज यानी सोमवार (16 मार्च) को हो रहा है। मतदान सोमवार सुबह 9 बजे से शुरू हुआ। वोटिंग प्रक्रिया शाम 4 बजे तक होगा। जबकि वोटों की गिनती शाम 5 बजे शुरू होगी। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए 10 राज्यों में चुनाव हो रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, NCP (SP) प्रमुख शरद पवार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं।
महाराष्ट्र से सात, तमिलनाडु से छह, बिहार और पश्चिम बंगाल से पांच-पांच, ओडिशा से चार, असम से तीन, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हरियाणा से दो-दो और हिमाचल प्रदेश से एक सीटों से राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होने वाला है। इसलिए, उच्च सदन में खाली पदों को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनाव कराए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग (ECI) ने इन खाली पदों को भरने के लिए द्विवार्षिक चुनावों का कार्यक्रम 18 फरवरी को घोषित किया था। जिन लोगों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होने वाला है, उनमें केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और रामदास अठावले, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, एनसीपी-एसपी के शरद पवार, आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा, कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी, एआईएडीएमके नेता एम. थंबीदुरई और डीएमके नेता तिरुचि शिवा शामिल हैं।
चुनाव के प्रमुख नियम
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि मतपत्र पर वरीयता चिह्न लगाने के लिए केवल रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंगनी रंग के स्केच पेन का ही प्रयोग किया जाना चाहिए। मतदान के लिए किसी अन्य पेन की अनुमति नहीं होगी। साथ ही आयोग ने यह भी कहा है कि चुनाव प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करने के लिए पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हों।
लोकसभा का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है। इसे भंग किया जा सकता है। लजबकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है। यह बिना किसी रुकावट के निरंतर कार्य करती रहती है। उच्च सदन के सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है। इसमें एक तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में रिटायर होते हैं। इन खाली पदों को भरने के लिए चुनाव आयोजित किए जाते हैं। इससे सदन में निरंतरता और अनुभव सुनिश्चित होता है।
बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों पर मतदान
बिहार की पांच राज्यसभा सीट के लिए सोमवार सुबह मतदान शुरू हो गया। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पांच और विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का एक उम्मीदवार चुनाव मैदान में है। एक अधिकारी ने बताया कि बिहार विधानसभा परिसर में मतदान सुबह 9 बजे शुरू हुआ और शाम पांच बजे तक जारी रहेगा। विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग करना शुरू कर दिया है।
मतगणना शाम पांच बजे के बाद शुरू होगी। जबकि परिणाम आज ही घोषित होने की उम्मीद है। बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) प्रमुख नीतीश कुमार तथा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन NDA के उम्मीदवारों में शामिल हैं।
सत्ताधारी गठबंधन के अन्य तीन उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा (दोनों राज्यसभा के मौजूदा सदस्य) और BJP के शिवेश कुमार शामिल हैं।
बिहार की 5 सीट क्यों है अहम?
राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से यह चुनाव भले ही संख्या बल के कारण काफी हद तक एकतरफा दिखाई दे रहा हो। लेकिन पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प बन गया है। बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें खाली होने के बाद इस बार कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। NDA ने अपने पांच प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। जबकि 'महागठबंधन' की ओर से NDA ने अमरेंद्र धारी सिंह को चुनावी मैदान में उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है।
संख्या बल के आधार पर देखें तो NDA की स्थिति काफी मजबूत दिखाई देती है। बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं। जबकि राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 वोटों की आवश्यकता होती है। इस हिसाब से NDA के पास लगभग 202 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है, जिससे उसके चार उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना तय
राजनीतिक विश्लेषक अरुण कुमार पांडे के अनुसार नितिन नवीन, नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर और उपेंद्र कुशवाहा की जीत को लेकर किसी तरह का संशय नहीं है। हालांकि, पांचवीं सीट को लेकर समीकरण कुछ जटिल हो जाते हैं, क्योंकि NDA के पांचवें उम्मीदवार के लिए आवश्यक मतों में लगभग तीन मतों की कमी बताई जा रही है।
'क्रॉस वोटिंग' की आशंका
यही वजह है कि पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प बन गया है। इस सीट पर BJP के शिवेश कुमार और महागठबंधन के उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में 'क्रॉस वोटिंग' की आशंका को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि दोनों ही खेमे अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने का दावा कर रहे हैं।
RJD अपने इकलौते उम्मीदवार की जीत के लिए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के समर्थन पर बहुत अधिक निर्भर है, जिसके पांच विधायक हैं। एआईएमआईएम ने रविवार को घोषणा की है कि उसके सभी पांच विधायक राज्यसभा चुनाव में RJD के उम्मीदवार का समर्थन करेंगे।
'महागठबंधन' ने अपने विधायकों को राजधानी पटना के एक होटल में ठहराया है। वहीं, बिहार में सत्ताधारी NDA ने रविवार को पटना में मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के आवासों पर अपने विधायकों के साथ बैठकें आयोजित कीं।