राम मंदिर दान चोरी केस में बड़ा खुलासा! आरोपी ने रिश्तेदारों पर उड़ाए 19 लाख, खरीदी SUV

Ram Temple Donation Theft: जांच में यह भी सामने आया है कि अविनाश शुक्ला ने कथित तौर पर अपने एक दोस्त के खाते में करीब 2.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इतना ही नहीं, उसने उसी दोस्त को एक महंगा मोबाइल फोन भी गिफ्ट में दिए थे। पुलिस को यह भी शक है कि कुछ छोटी-छोटी रकम कई अन्य लोगों में भी बांटी गई थी

अपडेटेड Jul 06, 2026 पर 6:33 PM
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली और अहम बैठ सोमवार को हुई।

Ram Mandir : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली और अहम बैठ सोमवार को हुई। चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। वहीं बैठक के बीच इस मामले को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, अयोध्या के राम मंदिर में दान की कथित हेराफेरी मामले की जांच अब और गहराई से की जा रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि कथित तौर पर निकाले गए पैसों का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया।

आरोपी ने किया बड़ा खुलासा

इस मामले के आरोपी अविनाश शुक्ला ने पूछताछ के दौरान पैसों के खर्च से जुड़ी कई अहम जानकारियां दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ला ने बताया कि कथित तौर पर करीब 19 लाख रुपये अपने रिश्तेदारों और परिचितों पर खर्च किए गए। उसने यह भी बताया कि लगभग 6 लाख रुपये एक भाई की शादी में खर्च हुए, 5 से 6 लाख रुपये दूसरे भाई को दिए गए और करीब 3.5 लाख रुपये में एक मारुति ब्रेज़ा कार खरीदी गई।


दोस्त के खाते में ट्रांसफर किए पैसे

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि अविनाश शुक्ला ने कथित तौर पर अपने एक दोस्त के खाते में करीब 2.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। इतना ही नहीं, उसने उसी दोस्त को एक महंगा मोबाइल फोन भी गिफ्ट में दिए थे। पुलिस को यह भी शक है कि कुछ छोटी-छोटी रकम कई अन्य लोगों में भी बांटी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, ये जानकारियां तब सामने आईं जब पुलिस ने 24 घंटे की रिमांड के दौरान अविनाश शुक्ला से करीब 13 घंटे तक लगातार पूछताछ की। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूछताछ से उन्हें कई अहम सुराग मिले हैं।

जांच के दौरान मिले अमेरिकी डॉलर

जांच के दौरान पुलिस अविनाश शुक्ला को कई जगहों पर भी लेकर गई। इनमें कौशलपुरी का एक योग केंद्र और 14 कोसी परिक्रमा मार्ग शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्ला ने उन स्थानों की भी पहचान की, जहां कथित तौर पर दान की रकम आपस में बांटी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, जांच एजेंसियों ने इस मामले में अब तक 20.39 लाख रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर, सोने और चांदी के गहने, अन्य कीमती सामान और एक गाड़ी जब्त की है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि UP42AP6054 नंबर की मारुति ब्रेज़ा कार कथित तौर पर दान की हेराफेरी से मिले पैसों से खरीदी गई थी। हालांकि, इस कार का पंजीकरण अविनाश शुक्ला के भाई अभिषेक के नाम पर कराया गया था।

अब तक आठ लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी

रिपोर्ट के मुताबिक, जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या कथित तौर पर हेराफेरी किए गए पैसों से और भी संपत्तियां खरीदी गई थीं। इसके लिए पैसों के लेन-देन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अब तक मंदिर में दान इकट्ठा करने और उसकी गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, श्रद्धालुओं के दान के कथित दुरुपयोग और पैसों के इस्तेमाल की जांच अभी भी जारी है।

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