Ram Mandir Donation Theft Row : अयोध्या राम मंदिर में करोड़ों के चढ़ावे को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। दानपात्र में गड़बड़ी और करोड़ों रुपये के हेरफेर के आरोपों ने राजनीतिक व धार्मिक जगत में हलचल मचा दी है। वहीं राम मंदिर चंदा चोरी के मामले की जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने तेज कर दी है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि नकदी को कैसे छिपाया गया और मंदिर परिसर से बाहर कैसे ले जाया गया। अब तक इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके घरों से बड़ी मात्रा में नकदी, सोना, चांदी और फॉरेन करेंसी बरामद हुई है।
बाथरूम में छिपाया चोरी की रकम
जांच में सामने आया है कि चोरी की रकम को छिपाने के लिए बाथरूम जैसी जगहों का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद नकदी को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बाहर निकाला जाता था, ताकि किसी को शक न हो। जांच एजेंसियां अब तक करीब 80 लाख रुपये बरामद कर चुकी हैं। जांच के दौरान सबसे बड़ी बरामदगी अविनाश शुक्ला से जुड़े ठिकानों से हुई। पुलिस को उसके कमरे से 12 लाख रुपये नकद मिले, जबकि उसके भाई ने 8.40 लाख रुपये वापस जमा कराए।
पुलिस को अमेरिकी डॉलकर भी बरामद
इसके अलावा पुलिस ने 1,121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद किए। इनमें 100, 50, 20, 10, 5 और 1 डॉलर के नोट शामिल हैं। साथ ही करीब 159.54 ग्राम, 11.14 ग्राम और 3.44 ग्राम वजन के सोने और चांदी के गहने भी मिले हैं। पुलिस की बरामदगी सूची के अनुसार, अनुकल्प मिश्र के पास से 16.82 लाख रुपये बरामद किए गए। वहीं, लवकुश मिश्र के एसके लॉकर से 14.25 लाख रुपये नकद मिले।
आरोपियों के पास से ये चीजें बरामद
पुलिस ने रमाशंकर मिश्र के पास से 7.32 लाख रुपये नकद, सफेद धातु के दो सिक्के और चांदी की बिछिया बरामद की। वहीं, मनीष कुमार यादव से 2 लाख रुपये और करुणेश पांडे के पास से 18.07 लाख रुपये जब्त किए गए। जांच के दस्तावेजों के अनुसार, टिन्नू यादव के हॉस्टल के कमरे से नकदी सीधे बरामद हुई। वहीं, दूसरे आरोपियों से मिली रकम को शिकायतकर्ता और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने पुलिस की औपचारिक कार्रवाई से पहले अपने लॉकर में सुरक्षित रख दिया था। टिन्नू यादव, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के ड्राइवर रहे हैं।