RBI policy: FY26 की पहली RBI पॉलिसी आ गई है। इस पर ज्यादा जानकारी देते हुए RBI ने कहा है कि ग्लोबल अनिश्चितता से ट्रेड चिंताएं उभरी हैं। FY26 की शुरुआत चुनौतियों के साथ हुई है। क्रूड कीमतों में गिरावट दिखी है। भारतीय इकोनॉमी में ग्रोथ बरकरार है। ग्लोबल अनिश्चितता पर नजर बनी हुई है। RBI ने ब्याज दरों में 0.25% कटौती की है। RBI ने रेपो रेट 0.25% घटाकर 6% कर दिया है। वहीं, MSF रेट 6.50% से घटाकर 6.25% किया गया है।
RBI गवर्नर ने कहा कि 4% महंगाई दर लक्ष्य हासिल करने का भरोसा है। ग्रोथ को बढ़ावा देने पर फोकस बना रहेगा। MPC ने पॉलिसी के रुख में बदलाव किया है। पॉलिसी पर रुख NEUTRAL से ACCOMMODATIVE किया गया है।
FY26 के लिए रिटेल महंगाई अनुमान 4.2 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी किया गया
आरबीआई गवर्नर ने बताया कि FY26 के लिए रिटेल महंगाई अनुमान 4.2 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के लिए रिटेल महंगाई अनुमान 4.5 फीसदी से घटाकर 3.6 फीसदी कर दिया गया है। इसी तरह वित्त वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के लिए रिटेल महंगाई अनुमान 4 फीसदी से घटाकर 3.9 फीसदी कर दिया गया है। वहीं, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के लिए रिटेल महंगाई अनुमान 3.8 फीसदी पर बरकरार रखा गया है। जबकि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के लिए महंगाई अनुमान 4.5 फीसदी से घटा कर 4.4 फीसदी कर दिया गया है।
पॉलिसी रुख का लिक्विडिटी की स्थिति से संबंध नहीं
आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा कि पॉलिसी रुख का लिक्विडिटी की स्थिति से संबंध नहीं है। ज्यादा टैरिफ का एक्सपोर्ट पर असर होगा। US टैरिफ के कारण करेंसी पर असर संभव है। ग्लोबल अनिश्चितता से करेंसी में अस्थिरता संभव है। सुस्त ग्लोबल ग्रोथ से ऑयल और कमोडिटी पर असर होगा। US टैरिफ से महंगाई को लेकर चिंता नहीं है। नियंत्रित महंगाई के साथ ग्रोथ बढ़ाने पर फोकस बना हुआ है।
अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक FDI निवेश मजबूत रहा
अप्रैल 2024 से जनवरी 2025 तक FDI निवेश मजबूत रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 67,630 करोड़ डॉलर पहुंच गया है। NPAs के लिए सिक्योरिटाइजेशन लागू करने का प्रस्ताव है। बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। आगे गोल्ड लोन पर व्यापक गाइडलाइंस जारी किए जाएंगे। UPI ट्रांजैक्शन लिमिट पर NPCI को परमिट दिया जाएगा। को-लेंडिंग से जुड़े नियम का दायरा बढ़ाया गया है। सभी तरह के लोन पर को-लेंडिंग गाइडलाइंस लागू हैं।
आरबीआई गवर्नर ने यह भी बताया कि FY26 रियल GDP ग्रोथ अनुमान 0.20 फीसदी घटाया गया है। FY26 रियल GDP ग्रोथ अनुमान 6.7 फीसदी से घटाकर 6.5 फीसदी किया गया है। Q1 FY26 रियल GDP अनुमान 6.7 फीसदी से घटाकर 6.5 फीसदी किया गया है। Q2 FY26 रियल GDP अनुमान 7 फीसदी से घटाकर 6.7 फीसदी किया गया है। Q3 FY26 रियल GDP ग्रोथ 6.50 फीसदी से बढ़ाकर 6.60 फीसदी कर दिया गया है। Q4 FY26 GDP ग्रोथ अनुमान 6.50 फीसदी से घटाकर 6.30 फीसदी कर दिया गया है।