रीडेबल PDF, पार्टियों को सॉफ्ट कॉपी मिलेगी... SIR को लेकर भारी बवाल के बीच ECI ने 17 राज्यों के लिए किए ये बड़े ऐलान
Voter List Update: आने वाले चुनावों से पहले वोटर लिस्ट को अपडेट करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार चुनाव आयोग ने एक अहम बदलाव किया है। आयोग पहली बार 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राजनीतिक दलों को वोटर लिस्ट का ऐसा वर्जन उपलब्ध कराएगा, जिसे आसानी से पढ़ा जा सके।
SIR को लेकर भारी बवाल के बीच ECI ने 17 राज्यों के लिए किए ये बड़े ऐलान
Voter List Update: आने वाले चुनावों से पहले वोटर लिस्ट को अपडेट करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार चुनाव आयोग ने एक अहम बदलाव किया है। आयोग पहली बार 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राजनीतिक दलों को वोटर लिस्ट का ऐसा वर्जन उपलब्ध कराएगा, जिसे आसानी से पढ़ा जा सके। गुरुवार को आयोग ने इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए सालाना स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) कराने का आदेश दिया है।
इस प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब और मणिपुर जैसे राज्य भी शामिल हैं। इन राज्यों में अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं।
चुनाव आयोग के मुताबिक, इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट का फाइनल वर्जन 4 जनवरी को जारी किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने दी जानकारी
चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची निरीक्षण (SSR) चुनाव कानून के तहत अनिवार्य वार्षिक प्रक्रिया है। यह विशेष रूप से चुनाव वाले राज्यों में आयोजित की जाती है।
जानकारी के मुताबिक, विपक्षी दल लंबे समय से ऐसी वोटर लिस्ट की मांग कर रहे थे, जिसे कंप्यूटर पर आसानी से पढ़ा जा सके। अब तक चुनाव आयोग ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया था। आयोग ने इसके पीछे वोटर लिस्ट में गड़बड़ी की आशंका और अदालतों के आदेशों का हवाला दिया था।
अब एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, चुनाव आयोग अब राजनीतिक दलों को सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध कराएगा। मसौदा और अंतिम मतदाता सूचियां (बिना तस्वीरों के) अब इमेज PDF प्रारूप के बजाय "पठनीय PDF प्रारूप" में उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसके अलावा, शुरुआती वोटर लिस्ट जारी होने के समय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उन सूचियों की जानकारी भी दी जाएगी, जिनमें नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं, कुछ नाम हटाए गए हैं या किसी की जानकारी में बदलाव किया गया है।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब राजनीतिक दलों को सूचित किए बिना बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के आरोप लग रहे हैं।
बता दें कि इन 17 राज्यों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पूरा हो चुका है। जबकि असम में कानूनी कारणों से SIR के बजाय वोटर लिस्ट का विशेष पुनरीक्षण कराया गया है।
वहीं, जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वहां चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को भी वोटर लिस्ट का शुरुआती और अंतिम वर्जन दिया जाएगा। चुनाव से पहले चुनावी रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ERO) इन सूचियों को बिक्री के लिए उपलब्ध कराएंगे।
CD-DVD के अलावा पेन ड्राइव में भी खरीद सकेंगे वोटर लिस्ट
अब वर्णमाला के क्रम में व्यवस्थित वोटर लिस्ट केवल CD या DVD तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि इन्हें शुल्क देकर पेन ड्राइव या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज डिवाइस में भी प्राप्त किया जा सकता है।
इसके अलावा, अब EROs केवल नई जोड़ी गई या बदली गई जानकारियों को साझा करने के बजाय, दावों और आपत्तियों की साप्ताहिक सूची के साथ-साथ पिछले सप्ताहों की मुद्रित प्रतियां भी साझा करेंगे।
युवाओं के लिए वोटर बनने का मौका, नामांकन फॉर्म भरने को किया जाएगा प्रोत्साहित
युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए, जो लोग 1 जनवरी तक 18 वर्ष के हो रहे हैं, उन्हें नामांकन फॉर्म भरने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे उन्हें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर और पंजाब में होने वाले चुनावों से पहले मतदाता बनने में मदद मिलेगी।
चुनाव आयोग ने अपने अधिकारियों को बताया है कि इन राज्यों में चुनाव "अगले साल की शुरुआत में" होने हैं।
इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लिखे पत्र में, चुनाव आयोग ने कहा है कि 1 जनवरी, 2027 को अर्हता तिथि (qualifying date) माना जाएगा।
इस पुनरीक्षण (revision) का उद्देश्य पात्र मतदाताओं, विशेष रूप से युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों को पंजीकृत करना, मतदाता सूची में दर्ज जानकारियों को सही करना और मतदाता सूचियों की शुद्धता में सुधार करना है।
SSR (स्पेशल समरी रिवीजन) के दौरान, BLO घर-घर जाकर जांच नहीं करेंगे, क्योंकि SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) पहले ही हो चुका है और अधिकांश मतदाताओं की पहचान की जा चुकी है।
इन 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में होगा SSR
जिन राज्यों में SSR आयोजित किया जाएगा, वे हैं: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल।
मार्च से मई 2027 के बीच खत्म होगा इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की 403 सीटों वाली विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 22 मई को खत्म हो रहा है। वहीं, 60 सदस्यों वाली मणिपुर, 40 सदस्यों वाली गोवा, 117 सदस्यों वाली पंजाब और 70 सदस्यों वाली उत्तराखंड विधानसभाएं मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर भंग हो जाएंगी।
'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' के तहत, चुनाव आयोग को यह अधिकार है कि वह कार्यकाल खत्म होने से "छह महीने पहले" चुनाव करा सकता है। यानी आयोग जरूरत के मुताबिक, कार्यकाल पूरा होने से पहले चुनाव करा सकता है।