Jag Vikram Ship: होर्मुज में जारी भारी नाकाबंदी के बीच भारत के लिए एक बार फिर बड़ी खुशखबरी आई है। दरअसल, भारतीय झंडे वाला LPG टैंकर जग विक्रम होर्मुज को पार करके भारत पहुंच गया है। यह भारतीय जहाज 20 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर बुधवार,15 अप्रैल को गुजरता के कांडला पोर्ट पहुंचा। यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है जब ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज की नाकाबंदी को लेकर टकराव जारी है।
सीजफायर के बाद होर्मुज पार करने वाला पहला भारतीय जहाज
न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के अस्थायी सीजफायर के बाद भारतीय झंडे वाला LPG टैंकर ‘जग विक्रम’ होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार कर गया है। यह सीजफायर के बाद इस रास्ते से गुजरने वाला पहला भारतीय जहाज है। यह जहाज शुक्रवार रात से शनिवार सुबह के बीच इस अहम समुद्री मार्ग को पार करता हुआ आगे बढ़ा। इसके बाद शनिवार दोपहर तक यह होर्मुज के पूर्व में, ओमान की खाड़ी की ओर पहुंच चुका था।
होर्मुज में फंसे हैं 15 जहाज
गौरतलब है कि मार्च से लेकर अभी तक फारस की खाड़ी से गुजरने वाला यह नौवां भारतीय जहाज है। जबकि, 15 भारतीय झंडे वाले जहाज अभी भी फंसे हुए हैं। उनके निकालने का प्रयास जारी है। एक अधिकारी ने बताया कि केंद्र सरकार फारस की खाड़ी में बदलती स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रही है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि फिलहाल इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटे में भारतीय झंडे वाले किसी भी जहाज से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है।
बता दें कि जब पश्चिम एशिया में तनाव शुरू हुआ था, उस समय होर्मुज के आसपास कम से कम 28 भारतीय जहाज मौजूद थे। इनमें से 24 जहाज पश्चिमी हिस्से में और 4 पूर्वी हिस्से में थे। ‘जग विक्रम’ के गुजरने से पहले ही पश्चिमी हिस्से से 8 और पूर्वी हिस्से से 2 भारतीय जहाज सुरक्षित बाहर निकल चुके थे। हालांकि, कई विदेशी जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में रुके हुए हैं और आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।
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ग्लोबल एनर्जी सप्लाई का एक प्रमुख रास्ता है होर्मुज
भारत अपनी एनर्जी जरूरतों के लिए आयात पर काफी हद तक निर्भर है। लगभग 88 फीसदी कच्चा तेल, करीब आधी नैचुरल गैस और लगभग 60 फीसदी LPT की जरूरत वह इंपोर्ट से पूरी करता है। ज्यादातर सप्लाई खाड़ी देशों से होती है, और यह हॉर्मुज स्ट्रेट से होकर ही गुजरती है। होर्मुज ग्लोबल एनर्जी सप्लाई का एक प्रमुख रास्ता है। ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से यह रास्ता डिस्टर्ब है, जिससे भारत में LPG सप्लाई प्रभावित हुई है।