News18 राइजिंग भारत समिट 2026 का आगाज आज 27 फरवरी से हो गया। ओपनिंग सेशन ‘Aspirations Uninterrupted: Connecting a Billion Dreams’ टाइटल से रहा। इसमें केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत में 2030 तक 5G यूजर्स की संख्या 100 करोड़ होगी। यह भी कहा कि टेलीकॉम और मोबाइल टेक्नोलॉजी आज के टाइम में कोई लग्जरी नहीं रह गई है। इसके जरिए कंटेंट आगे बढ़ता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हमें साइबर धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसी चुनौतियों से सुरक्षा सुनिश्चित करनी है। इसके अलावा सिम बाइंडिंग आज के समय की जरूरत बन गई है।
SIM बाइंडिंग एक सिक्योरिटी प्रोसेस है, जो एक खास फिजिकल SIM कार्ड को यूजर के मोबाइल डिवाइस और ऐप अकाउंट से जोड़ती है। इससे यह पक्का होता है कि बैंकिंग या मैसेजिंग ऐप तभी काम करें, जब वह खास SIM उस डिवाइस में एक्टिव हो।
सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर क्या बोले सिंधिया
सैटेलाइट कनेक्टिविटी पर समिट में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सैटेलाइट वहां जा सकता है, जहां कोई दूसरी टेक्नोलॉजी नहीं जा सकती। यह टेक्नोलॉजी होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने सैटेलाइट इंटरनेट के लिए 3 लाइसेंस और नॉर्मेटिव स्पेक्ट्रम असाइनमेंट दिए हैं। इन्हें स्टारलिंक, जियो और वनवेब को दिया गया है।
बता दें कि एलॉन मस्क की स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस 2026 में भारत में शुरू हो सकती है। कंपनी ने देश में ऑफिस स्पेस किराए पर लेना और कर्मचारियों की भर्ती शुरू कर दी है। सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी, जहां नेटवर्क हमेशा एक समस्या रहा है। सिंधिया ने यह भी कहा कि हमें स्पेक्ट्रम की कीमत तय करनी है, हम TRAI की सिफारिशों को भी ध्यान में रखकर काम करेंगे।
वोडाफोन में सरकारी हिस्सेदारी 49% से ज्यादा नहीं बढ़ाना चाहते: सिंधिया
यह भी बताया कि AGR बकाया के कन्वर्जन के साथ वोडाफोन आइडिया में हमारी 49% हिस्सेदारी है। हमने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन किया है। हम कंपनी में इक्विटी होल्डर जरूर हैं, लेकिन मैनेजमेंट में नहीं हैं। हम वोडाफोन आइडिया में सरकारी हिस्सेदारी 49% से ज्यादा नहीं बढ़ाना चाहते।