Rising Bharat Summit 2026: एक दिन पहले यानि कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'की नोट एड्रेस' हुआ। इसमें पीएम मोदी ने कहा कि, भारत का आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता पर जोर है। इस समिट का मुख्य फोकस 'देश की आंतरिक शक्ति' पर है, जो पिछले 11 वर्षों में भारत की असली ताकत बनकर उभरी है। पीएम मोदी के अनुसार, भारत ने पिछले एक दशक में यह महसूस किया है कि जब 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प जुड़ता है, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
Rising Bharat Summit 2026: News18 राइजिंग भारत समिट 2026 का समापन हो गया है। शनिवार, 28 फरवरी को इस समिट का दूसरा दिन था। इसमें होने वाली चर्चाओं का केंद्र भारत की आर्थिक दिशा, वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति और लॉन्ग टर्म नेशनल विजन शामिल थे। समिट में नेशनल और इंटरनेशल लेवल से कई दिग्गज हिस्सा लिया। ये अलग-अलग सेशंस में अलग-अलग टॉपिक्स पर अपने विचार रख।
दूसरे दिन के ईवेंट में एक स
Rising Bharat Summit 2026: News18 राइजिंग भारत समिट 2026 का समापन हो गया है। शनिवार, 28 फरवरी को इस समिट का दूसरा दिन था। इसमें होने वाली चर्चाओं का केंद्र भारत की आर्थिक दिशा, वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति और लॉन्ग टर्म नेशनल विजन शामिल थे। समिट में नेशनल और इंटरनेशल लेवल से कई दिग्गज हिस्सा लिया। ये अलग-अलग सेशंस में अलग-अलग टॉपिक्स पर अपने विचार रख।
दूसरे दिन के ईवेंट में एक सेशन में SEBI के होल टाइम मेंबर कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने कहा कि हम गर्व से कह सकते हैं कि मार्केट और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए हमने कुछ पहल की हैं, जो किसी दूसरे देश ने नहीं की हैं। हम अपने दम पर काम कर रहे हैं। T+1 सेटलमेंट सबसे पहले भारत में लागू हुआ, US ने हमारे बाद किया। उन्होंने यह भी कहा कि हमारा स्टॉक मार्केट जिस तरह से काम करता है, वह दुनिया में यूनीक है।
इक्विफैक्स इंडिया के MD आदित्य बी चटर्जी ने एक सेशन में कहा कि पिछले साल स्कैम्स में भारत को लगभग 34,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि कर्ज देने के मामले में सभी लेंडर बहुत सावधान हो गए हैं।
एक दिन पहले प्रधानमंत्री का 'की नोट एड्रेस'
एक दिन पहले यानि कि शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'की नोट एड्रेस' हुआ। इसमें पीएम मोदी ने कहा कि, भारत का आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता पर जोर है। इस समिट का मुख्य फोकस 'देश की आंतरिक शक्ति' पर है, जो पिछले 11 वर्षों में भारत की असली ताकत बनकर उभरी है। पीएम मोदी के अनुसार, भारत ने पिछले एक दशक में यह महसूस किया है कि जब 140 करोड़ देशवासियों का संकल्प जुड़ता है, तो असंभव भी संभव हो जाता है।
पीएम के एड्रेस के अलावा कई सेशन हुए। इनमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव के सेशन भी रहे। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सीईओ डेविड टेट, दिग्गज निवेशक मधुसूदन केला, रमेश दमानी; जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ हितेश सेठिया ने भी अलग-अलग सेशंस में चर्चा में हिस्सा लिया और अपने विचार रखे। इसके अलावा सिंगापुर के दिग्गज राजनेता जॉर्ज यो, नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत, वीवर्क इंडिया के सीईओ करन वीरवानी, मर्सिडीज बेंज इंडिया के सीईओ और एमडी संतोष अय्यर, कंगना रनौत, यामी गौतम के सेशंस भी रहे।