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नेपाल बाढ़ के कहर के बीच सद्गुरु 5 देशों के हिमालयन बोर्ड का फॉर्म्युला लाए, चीन-पाकिस्तान भी इसमें शामिल! जानिए क्या है ये

राजनीतिक सीमाओं से परे जाकर सोचने की वकालत करते हुए सद्गुरु ने कहा कि पहाड़ आपकी राजनीतिक संबद्धता को नहीं जानते। पहाड़ यह नहीं जानते कि आप क्या भाषा बोलते हैं।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Aug 31, 2026 पर 2:09 PM
नेपाल बाढ़ के कहर के बीच सद्गुरु 5 देशों के हिमालयन बोर्ड का फॉर्म्युला लाए, चीन-पाकिस्तान भी इसमें शामिल! जानिए क्या है ये
आपदाओं से मिलकर निपटने के लिए एक संयुक्त संस्था की जरूरत के बारे में बोलते हुए सद्गुरु ने कहा कि जिन सभी देशों से होकर हिमालय की श्रृंखलाएं गुजरती हैं, उन्हें मिलाकर एक संस्था या निकाय का गठन अब होना ही चाहिए।

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की महा-त्रासदी के बीच भारतीय आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जगी वासुदेव एक बड़े प्रस्ताव के साथ सामने आए हैं। काठमांडू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सद्गुरु ने इस बेहद संवेदनशील और नाजुक हिमालयी क्षेत्र में आने वाली आपदाओं से निपटने के लिए एक पांच-देशीय हिमालयन बोर्ड बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस प्रस्तावित बोर्ड में भारत, चीन, पाकिस्तान, नेपाल और भूटान को एक साथ मिलकर काम करना चाहिए।

पीटीआई की रिपोर्ट में ईशा फाउंडेशन द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के हवाले से बताया गया है कि सद्गुरु ने काठमांडू में आयोजित इन सॉलिडेरिटी विद नेपाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। इसके साथ ही उन्होंने नेपाल के प्रधानमंत्री डिजास्टर रिलीफ फंड में 1 करोड़ रुपये का योगदान देने की भी घोषणा की।

पहाड़ किसी राजनीतिक सीमा को नहीं जानते- सद्गुरु

राजनीतिक सीमाओं से परे जाकर सोचने की वकालत करते हुए सद्गुरु ने कहा कि पहाड़ आपकी राजनीतिक संबद्धता को नहीं जानते। पहाड़ यह नहीं जानते कि आप क्या भाषा बोलते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिमालय पृथ्वी पर सबसे शानदार और भव्य भौगोलिक खासियत के लिए जाना जाता है लेकिन इसके साथ ये इलाका काफी सेंसेटिव भी है।

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