LIC के फर्जी चेक से बड़ी ठगी करने वाले समीर जोशी को ED ने दिलाई साढ़े 3 साल की सजा, कौन है ये कैसे की ठगी?

Sameer Joshi Case: लखनऊ की विशेष PMLA अदालत ने 15 सितंबर 2026 के अपने फैसले में समीर जोशी को 3 साल 6 महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही कोर्ट ने जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी

अपडेटेड Sep 16, 2026 पर 7:41 AM
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Sameer Joshi Case: कोर्ट ने जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी

(रिपोर्ट: शंकर आनंद)

Sameer Joshi Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी नंबर-2 समीर जोशी को दोषी करार दिलाने में सफलता हासिल की है। लखनऊ की विशेष PMLA अदालत ने 15 सितंबर 2026 के अपने फैसले में समीर जोशी को 3 साल 6 महीने के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उन पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसके साथ ही कोर्ट ने जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

29 फर्जी LIC चेक के जरिए 54.23 लाख रुपये की धोखाधड़ी


दरअसल ये मामला CBI की ओर से जांच किए गए शेड्यूल्ड ऑफेंस से जुड़ा है। जांच में 29 फर्जी LIC चेक तैयार कर उनका एनकैशमेंट कराने का मामला सामने आया था। इन फर्जी चेक की कुल राशि 54,23,775 रुपये थी। PMLA के तहत ED की जांच में सामने आया कि समीर जोशी ने फर्जी चेक से हासिल रकम को अलग-अलग बैंक खातों में प्राप्त किया और बाद में उसे अलग-अलग गतिविधियों, जिसमें कारोबारी गतिविधियां भी शामिल थीं, में इस्तेमाल किया।

14 हजार रुपये की रकम को Proceeds of Crime माना गया

ED की जांच के दौरान 14,000 रुपये की रकम को समीर जोशी से संबंधित अपराध की आय यानी Proceeds of Crime (PoC) के तौर पर चिन्हित किया गया।ED ने इस रकम के बराबर उनकी संपत्ति को अटैच किया था। बाद में इस अटैचमेंट की पुष्टि PMLA Adjudicating Authority ने 20 सितंबर 2018 के आदेश के जरिए की।

CBI कोर्ट से भी हो चुकी थी सजा

इस मामले से जुड़े मूल शेड्यूल्ड ऑफेंस में LEA/CBI कोर्ट ने भी समीर जोशी को दोषी करार दिया था। 7 अगस्त 2026 के फैसले में CBI कोर्ट ने उन्हें 1 साल 9 महीने की सजा और जुर्माना सुनाया था। दोनों सजाएं साथ-साथ चलने का आदेश दिया गया था।

कोर्ट ने 14 हजार की अटैच संपत्ति जब्त करने का भी दिया आदेश

PMLA कोर्ट ने समीर जोशी को दोषी ठहराने के साथ ही PMLA की धारा 8(5) के तहत अपराध की आय से संबंधित 14,000 रुपये मूल्य की अटैच संपत्ति को केंद्र सरकार के पक्ष में कन्फिस्केट करने का आदेश भी दिया है। ED के मुताबिक, इस मामले में फर्जी LIC चेक के जरिए हासिल रकम को बैंक खातों के माध्यम से आगे इस्तेमाल किए जाने और उसे वैध दिखाने की कोशिश की गई थी।

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