AAP छोड़ बीजेपी जॉइन करने वाले सांसद पर पंजाब में FIR, संदीप पाठक पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार

Sandeep Pathak : जानकारी के मुताबिक, आम आदमी पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद ही संदीप पाठक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसे लेकर बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाए हैं और कहा है कि कार्रवाई के समय पर संदेह पैदा होता है। हालांकि, इन मामलों की पूरी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन एफआईआर में गैर-जमानती धाराएं लगाए जाने से माना जा रहा है कि आगे कानूनी कार्रवाई तेज हो सकती है

अपडेटेड May 02, 2026 पर 2:43 PM
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राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके चलते पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी सरकार पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि ये मामले उस समय दर्ज किए गए, जब संदीप पाठक ने पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली। पंजाब पुलिस के अनुसार, दो अलग-अलग जिलों में उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, इन एफआईआर में भ्रष्टाचार और महिलाओं से जुड़े उत्पीड़न के गैर-जमानती आरोप शामिल हैं।

भाजपा ने उठाए सवाल

जानकारी के मुताबिक, आम आदमी पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद ही संदीप पाठक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसे लेकर बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाए हैं और कहा है कि कार्रवाई के समय पर संदेह पैदा होता है। हालांकि, इन मामलों की पूरी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन एफआईआर में गैर-जमानती धाराएं लगाए जाने से माना जा रहा है कि आगे कानूनी कार्रवाई तेज हो सकती है और गिरफ्तारी की संभावना भी बन सकती है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। इन खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए संदीप पाठक ने कहा कि उन्हें इन एफआईआर के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने इशारों में यह भी कहा कि यह कार्रवाई राजनीतिक कारणों से की गई हो सकती है।


संदीप पाठक ने कही ये बात

संदीप पाठक ने कहा, “मुझे ऐसी किसी एफआईआर की कोई जानकारी नहीं है और न ही किसी पुलिस अधिकारी ने इस बारे में मुझसे संपर्क किया है। मैंने हमेशा ईमानदारी और पूरी निष्ठा के साथ देश की सेवा की है। मेरे लिए देश किसी भी राजनीतिक पार्टी से बड़ा है। मैं कभी देश के खिलाफ नहीं जाऊंगा और न ही किसी दूसरे को ऐसा करने दूंगा।” उन्होंने आगे कहा, “अगर मेरे जैसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, तो इससे यही पता चलता है कि सामने वाले कितने डरे हुए हैं। इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं कहना चाहता।”

आम आदमी पार्टी में हुई बगावत

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही संदीप पाठक ने राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल के साथ आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। इस घटनाक्रम के बाद अब आम आदमी पार्टी के पास राज्यसभा में सिर्फ तीन सांसद ही बचे हैं। अप्रैल 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद रहे संदीप पाठक को 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की बड़ी जीत का अहम रणनीतिकार माना जाता था। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राघव चड्ढा और संदीप पाठक जैसे बड़े नेताओं का पार्टी छोड़ना, अरविंद केजरीवाल की पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

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