Shiv Sena UBT Split Row: संजय राउत ने बागी शिवसेना UBT सांसदों को दी सरेआम गाली, फिर बाद में दी सफाई, देखें वीडियो
Shiv Sena UBT MPs Split Row: उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) में फूट पड़ने की अटकलें तेज होने के बीच पार्टी नेता संजय राउत ने बागी सांसदों को चुनौती दी है कि अगर वे पाला बदलना चाहते हैं तो इस्तीफा दे दें। राउत ने कहा कि अगर 2022 की तरह पार्टी में फिर फूट डालने की कोशिश की गई तो शिवसेना (UBT) के सांसद चुप नहीं बैठेंगे
Shiv Sena UBT MPs Split Row: संजय राउत ने कहा कि अगर कोई जाना चाहता है, तो वो इस्तीफा देकर जा सकता है
Shiv Sena UBT MPs Split Row: शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बुधवार (17 जून) को उद्धव ठाकरे के गुट में संभावित फूट की अटकलों के बीच बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए अपशब्द कहे, जिससे विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी में फूट की अटकलों पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए संजय राउत ने संदिग्ध बागी सांसदों को सरेआम गाली तक दे दी। इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा कि वे उनके कमेंट्स को न काटें।
राउत ने बुधवार (17) को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के कुछ सांसदों को पाला बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है। उन्होंने बागी सांसदों को पार्टी छोड़ने से पहले इस्तीफा देने की चुनौती भी दी।
विवादित भाषा पर सफाई
बागी शिवसेना सांसदों के लिए इस्तेमाल की गई विवादित भाषा पर संजय राउत ने न्यूज एजेंसी ANI कहा, "हम मराठी भाषा में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। इसमें गलत क्या है? मुझे अच्छी तरह पता है कि कौन सी भाषा कब इस्तेमाल करनी है। जो भाषा कोई समझता हो, वही इस्तेमाल करनी चाहिए। मैंने पार्लियामेंट में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं किया है। जो आदमी 15 करोड़ रुपये लेकर पार्टी छोड़ दे, उसके बारे में आप क्या कहेंगे? क्या आप ऐसे आदमी पर फूल बरसाएंगे?"
संजय राउत ने आगे कहा, "अगर कोई जाना चाहता है, तो वो इस्तीफा देकर जा सकता है। अगर हमारे सांसदों के बारे में ऐसी खबरें आती हैं, तो उन्हें उनका खंडन करना चाहिए। इस बार महाराष्ट्र के लोग चुप नहीं रहेंगे।"
इस बीच, राउत के संदिग्ध बागी MPs को गाली देने पर शिवसेना UBT MP अनिल देसाई ने कहा, "जो कुछ भी कहा गया है, वह गाली है, यह किसी खास के लिए नहीं है। जब कोई इमोशनली सेंसिटिव इंसान, जिसने अपनी ज़िंदगी के 50 साल पॉलिटिक्स में पब्लिक में बिताए हैं, बोलता है, तो ऐसी बातें होती हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह किसी खास इंसान को एड्रेस नहीं कर रहे थे।"
प्रियंका चतुर्वेदी ने जताया विरोध
वहीं, शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "मैं इस तरह की भाषा का समर्थन नहीं करती हूं। पहले की पार्टी को तोड़कर नाम और सिंबल एकनाथ शिंदे को दे दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट में वो लड़ाई अभी भी जारी है। अब फिर से कोशिश की जा रही है। एकनाथ शिंदे इसे ऑपरेशन टाइगर कह रहे हैं लेकिन हम इसे ऑपरेशन बिट्रेयल कहेंगे। ये वोट उद्धव जी के नाम पर था जनता ने उद्धव ठाकरे पर भरोसा कर आपको सांसद बनाया था। आप उसके खिलाफ काम करेंगे तो ये गलत है। आप इस्तीफा देकर दिखाएं। फिर से चुनाव में जाएं और शिंदे के पार्टी चिन्ह पर लड़कर दिखा दें।"
राउत ने दी धमकी
संजय राउत ने 2022 में हुई नेताओं की बगावत का जिक्र करते हुए कहा कि अगर पार्टी में फिर उसी तरह फूट डाली गई तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसेना (UBT) के सांसद चुप नहीं बैठेंगे। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवसेना (UBT) के नौ लोकसभा सदस्यों में से केवल तीन अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे शामिल हुए।
राउत ने कहा कि एक महत्वपूर्ण व्यक्ति ने मंगलवार देर रात उन्हें बताया कि महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने की कोशिश की जा रही है। राज्यसभा सदस्य ने कहा, "मुझे बताया गया कि कीमत 50 करोड़ रुपये है और रात तक प्रत्येक सांसद को 15-15 करोड़ रुपये पहुंचाए जाने थे। वे धन मिले बिना विमान में सवार होने को कथित रूप से तैयार नहीं थे।"
उन्होंने हालांकि कहा कि पार्टी के पास किसी तरह की फूट की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है और कुछ सांसदों के अलग होने की खबरें मीडिया के जरिये मिल रही हैं। उन्होंने कहा, "अगर दलों को इस तरह तोड़ा जाता है तो चुनाव लड़ने का कोई अर्थ नहीं रह जाता।"
राउत ने कहा कि संबंधित सभी सांसद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना (UBT) के 'मशाल' चुनाव चिह्न पर निर्वाचित हुए हैं और किसी को भी उस जनादेश से विश्वासघात करने का अधिकार नहीं है।उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 2022 में अविभाजित शिवसेना में हुई फूट जैसी घटना दोहराई गई तो महाराष्ट्र और शिवसेना (UBT) के कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे।
बागी सांसदों से की इस्तीफे की अपील
राउत ने आगे कहा, "अगर कोई पार्टी छोड़ना चाहता है तो उसे पहले इस्तीफा देना चाहिए। वे हमारी पार्टी के टिकट पर और मतदाताओं द्वारा चुने जाने के कारण संसद पहुंचे हैं।" उन्होंने कहा कि पार्टी ने कानूनी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और गुरुवार को होने वाली संसदीय दल की बैठक के लिए 'व्हिप' जारी किया है।
उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर उनसे संविधान के प्रावधानों के अनुरूप सख्ती से कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है। सावंत ने कहा कि किसी भी सांसद ने पार्टी छोड़ने के फैसले के बारे में आधिकारिक रूप से सूचित नहीं किया है। सभी खबरें मीडिया एवं सोशल मीडिया के जरिए सामने आ रही हैं।
देसाई ने कहा कि पार्टी को अपने सांसदों पर अब भी पूरा भरोसा है। लेकिन एहतियात के तौर पर कानूनी उपाय किए जा रहे हैं। शिवसेना (UBT) नेताओं ने आरोप लगाया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को खरीदने और दलों को तोड़ने की प्रवृत्ति लोकतंत्र तथा संविधान के लिए खतरा है।
राउत ने उद्धव ठाकरे के साथ रविवार को हुई शिवसेना (UBT) सांसदों की बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि एक सांसद ने चार बार साईं बाबा की कसम खाई, दूसरे ने देवी भवानी के नाम पर शपथ ली तथा बाकियों ने अपने बच्चों और माताओं की कसम खाकर कहा कि वे हमारे साथ बने रहेंगे।
Sanjay Raut abuses Shiv Sena UBT rebel MPs in the press conference and asks the media not to cut his abusive statement part.
राउत ने कहा कि ये सांसद उद्धव बालासाहेब ठाकरे और शिवसेना संस्थापक दिवंगत बालासाहेब ठाकरे के कारण निर्वाचित हुए हैं न कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी या महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कारण। राउत ने कहा कि इसके बाद कानूनी लड़ाई होगी और यह इतना आसान नहीं है।
उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक बुलाई थी। पार्टी नेता संजय राउत ने बताया था कि सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए थे। जबकि ओमप्रकाश राजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे, नागेश बापुराव पाटिल आष्टिकर एवं संजय देशमुख डिजिटल माध्यम से जुड़े थे और एक अन्य सांसद संजय जाधव ने ठाकरे से फोन पर बात की थी।