मदुरै डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने सोमवार 6 अप्रैल को साथानकुलम कांड में एक बड़ा फैसला सुनाया है। डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने ने साथानकुलम हिरासत में मौत के मामले में दोषी पुलिसवालों को सजा सुनाया है। कोर्ट ने इस कांड में दोषी सभी 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि, यह मामला 'दुर्लभतम से दुर्लभ' (rarest of rare) श्रेणी में आता है।
बता दें कि, साथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में करीब छह साल बाद बड़ा फैसला आया है। यह मामला 2020 में पूरे देश को झकझोर देने वाला था। कोविड लॉकडाउन के तमिलनाडु के मदुरै में जयराज और उनके बेटे को दुकान देर तक खोलने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोप है कि थाने में दोनों को पूरी रात बेरहमी से पीटा गया और गंभीर यातनाएं दी गईं। हालत बिगड़ने के बावजूद उन्हें इलाज नहीं मिला और बाद में दोनों की मौत हो गई।
करीब छह साल तक चले इस मामले में फैसला सुनाते हुए प्रथम अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश जी. मुथुकुमारन ने व्यापारी पी. जयराज (59) और उनके बेटे जे. बेनिक्स (31) की मौत के मामले में सभी नौ आरोपियों को हत्या और उससे जुड़े अपराधों का दोषी करार दिया। अदालत ने CBI की इस दलील को सही माना कि हिरासत में दी गई यातना पहले से सोची-समझी थी और पूरी रात तक जारी रही। इसी आधार पर कोर्ट ने कहा कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जानी चाहिए।
इन पुलिसकर्मियों को मिली जगह
इस मामले में दोषी ठहराए गए लोगों में इंस्पेक्टर एस. श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर पी. रघु गणेश और के. बालकृष्णन, हेड कांस्टेबल एस. मुरुगन और ए. समदुरई, तथा कांस्टेबल एम. मुथुराज, एस. चेल्लादुरई, एक्स. थॉमस फ्रांसिस और एस. वेलुमुथु शामिल हैं। वहीं, दसवें आरोपी स्पेशल सब-इंस्पेक्टर पॉलदुरई की सुनवाई के दौरान कोविड-19 से मौत हो गई थी, इसलिए उनके खिलाफ मामला आगे नहीं बढ़ पाया।