बिरयानी, बिस्तर, सिलेंडर..कुलगाम में कुछ इस तरह छिपकर रह रहे थे आतंकी

कहा जा रहा है कि यह संयुक्त अभियान भारतीय सेना द्वारा जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के साथ मिलकर चलाया गया। बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आंत​कवादियों के हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। पहलगाम में हुई गोलीबारी के पीछे कम से कम 5 आतंकवादियों का हाथ होने का शक है

अपडेटेड Apr 25, 2025 पर 10:37 PM
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सुरक्षा बलों द्वारा जारी की गई तस्वीरों से पता चलता है कि आतंकवादी काफी समय से वहां छिपे हुए थे।

सुरक्षा बलों ने एक संयुक्त सुरक्षा अभियान में कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में तंगमर्ग इलाके में एक आतंकवादी ठिकाने का भंडाफोड़ किया है। कथित तौर पर यह वही जगह है, जहां 23 अप्रैल को आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई थी। भीषण मुठभेड़ शुरू होने के एक दिन बाद घटनास्थल के वीडियो क्लिप्स की इमेज ऑनलाइन सामने आईं। तस्वीरों में तंगमर्ग इलाके में संबंधित जगह की बिगड़ी हुई स्थिति दिख रही है। ऐसे कयास हैं कि यह सुरक्षा बलों द्वारा जगह की तोड़फोड़ करने के बाद की स्थिति है।

सुरक्षा बलों ने कुलगाम जिले के तंगमर्ग इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। कहा जा रहा है कि यह संयुक्त अभियान भारतीय सेना द्वारा जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के साथ मिलकर चलाया गया। विजुअल्स से झलक रहा है कि कथित आतंकवादी खुद को कैसे रख रहे थे। आतंकवादी ठिकाने के भंडाफोड़ के दौरान गैस सिलेंडर, बिस्तर, सूटकेस, पानी, बर्तन, चिकन बिरयानी से आधा भरा एक कुकर और कई अन्य चीजों के अलावा बिखरे हुए कच्चे चावल भी देखे गए।

बता दें कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आंत​कवादियों के हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। सामने आए इन विजुअल्स ने नागरिकों में इस बात को लेकर डर पैदा कर दिया है कि कश्मीर में कुछ स्थानीय लोगों की आतंकवादियों के साथ मिलीभगत हो सकती है और हो सकता है कि वे उन्हें जरूरी सामान मुहैया करा रहे हों।


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2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला

रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार को पहलगाम में हुई गोलीबारी के पीछे कम से कम 5 आतंकवादियों का हाथ होने का शक है। इन 5 में से 3 पाकिस्तान से आए बताए जा रहे हैं। जैश-ए-मोहम्मद से कथित संबंधों के अलावा, इनमें से दो हमलावरों के कुलगाम के बिजबेहरा और थोकरपोरा के स्थानीय निवासी होने का भी शक है। पहलगाम का आतंकी हमला 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला था। पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन ‘द रेसिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

सुरक्षा बलों द्वारा जारी की गई तस्वीरों से पता चलता है कि आतंकवादी काफी समय से वहां छिपे हुए थे और पर्यटकों पर हमला करने से पहले उन्होंने उस स्थान की टोह ली थी। इस बात के भी संकेत हैं कि उन्हें अपने खाने और अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए कुलगाम के स्थानीय लोगों से मदद मिली होगी।

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