Get App

अगस्त 2027 में खुलेगा पहला सेक्शन... 7 नए कॉरिडोर के साथ भारत की बुलेट ट्रेन का सपना यहां तक पहुंचा

भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना का पहला हिस्सा जल्द ही लोगों के लिए शुरू किया जाएगा। सूरत और बिलिमोरा के बीच चलने वाली ये हाई-स्पीड रेल सेवा अगस्त 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकार देश के विभिन्न हिस्सों में तेज रफ्तार रेल नेटवर्क का विस्तार करने की तैयारी कर रही है

Edited By: Ankita Pandeyअपडेटेड Jun 16, 2026 पर 9:19 PM
अगस्त 2027 में खुलेगा पहला सेक्शन... 7 नए कॉरिडोर के साथ भारत की बुलेट ट्रेन का सपना यहां तक पहुंचा
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना देश की पहली हाई-स्पीड रेल योजना है (Photo: Canva)

भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना का पहला हिस्सा जल्द ही लोगों के लिए शुरू किया जाएगा। सूरत और बिलिमोरा के बीच चलने वाली ये हाई-स्पीड रेल सेवा अगस्त 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है। इसके साथ ही सरकार भारत में बुलेट ट्रेन नेटवर्क को देश के कई बड़े शहरों तक पहुंचाने की योजना बना रही है। सरकार भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऐसे कई नए हाई-स्पीड रेल मार्गों पर काम कर रही है, जो दिल्ली, वाराणसी, पुणे, हैदराबाद, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ सकते हैं।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, बुलेट ट्रेन परियोजना का पहला चरण गुजरात में सूरत और बिलिमोरा के बीच अगस्त 2027 तक यात्रियों के लिए शुरू किया जा सकता है। वहीं, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना भी तेजी से आगे बढ़ रही है और जल्द ही अपने शुरुआती संचालन चरण की ओर बढ़ने की उम्मीद है।

मुंबई-अहमदाबाद पर काम तेज

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना देश की पहली हाई-स्पीड रेल योजना है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। करीब 508 किलोमीटर लंबे इस रेल मार्ग को उन्नत जापानी तकनीक की मदद से विकसित किया जा रहा है, जिससे ट्रेनें बेहद तेज गति से दौड़ सकेंगी। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में पहली बार ऐसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो दुनिया के कई हाई-स्पीड रेल नेटवर्क में अपनाई जाती है। इस परियोजना के तहत महाराष्ट्र और गुजरात की कई सुरंगों के एंट्री और एग्जिट बिंदुओं पर विशेष संरचनाएं बनाई जा रही हैं, जिससे तेज रफ्तार ट्रेनों के संचालन को अधिक सेफ और सुचारु बनाया जा सके। ये कदम भारत की बुलेट ट्रेन व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें